दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना। (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली अग्निशमन सेवा के सहायक प्रभागीय अधिकारी छुट्टन लाल मीणा के खिलाफ सजा बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सतर्कता विभाग को अग्निशमन सेवा के तत्कालीन निदेशक अतुल गर्ग की संलिप्तता और कदाचार की जांच करने काे भी कहा है।
मीणा पर आजादपुर स्थित आकाश सिनेमा-सह-वाणिज्यिक परिसर में लगाई गई चार लिफ्ट को लेकर गलत रिपोर्ट जारी करने का आरोप है। 2022 में मीणा ने साइट विजिट कर इस पूरे परिसर को जिन चार लिफ्ट लगी होने का जिक्र कर ओके रिपोर्ट जारी कर दी थी, 2023 में श्रम विभाग ने जानकारी दी थी कि वहां पर कोई लिफ्ट नहीं पाई गईं। जिस पर सतर्कता विभाग ने मीणा के खिलाफ जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दिया था। मीणा ने इसके विरुद्ध अपील दायर की थी।
जांच हुई तो खुल गईं अनियमिताओं की परतें
उपराज्यपाल ने सुनवाई के बाद मीणा की अपील खारिज कर दी और सतर्कता निदेशालय को निर्देश दिया कि आरोपित अधिकारी को अधिक सजा दी जाए। यहां बता दें कि सीएल मीणा ने आज़ादपुर के आकाश सिनेमा-सह-वाणिज्यिक परिसर की दो निरीक्षण रिपोर्ट विभाग को प्रस्तुत की थीं।
पहली रिपोर्ट तीन अगस्त 2022 को और दूसरी 25 अक्टूबर 2022 तैयार की गई। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि इस परिसर में चार यात्री लिफ्ट लगाई गई हैं। 25 अक्टूबर 2022 की रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक द्वारा एक नवंबर 2022 को इस परिसर को अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी किया गया था।
यह जानकारी सामने आने पर कुछ लोगों ने पीएमओ, गृह मंत्रालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग, भ्रष्टाचार निराेधक शाखा में कई शिकायतें की गईं कि इस परिसर को फर्जी तरीके से अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र दे दिया गया है।
चार्जशीट अधिकारी मीणा ने की जुर्माने के खिलाफ एलजी से अपील
इसी दौरान 24 जनवरी 2023 काे सहायक विद्युत निरीक्षक और श्रम विभाग द्वारा परिसर का निरीक्षण किया गया, जिसमें यह सामने आया कि परिसर में कोई यात्री लिफ्ट स्थापित नहीं थी। जांच के बाद मीणा पर सीसीएस (सीसीए) नियम के नियम 16 के तहत मामूली जुर्माना लगाया गया। बाद में चार्जशीट अधिकारी मीणा ने जुर्माने के खिलाफ एलजी से अपील की।
रिपोर्ट के आधार पर लगाया गया था मामूली जुर्माना
सूत्रों का कहना है कि मामले की सुनवाई के दौरान एलजी ने पाया कि मामूली जुर्माना तीन अगस्त 2022 की रिपोर्ट के आधार पर लगाया गया था, लेकिन मीणा द्वारा दी गई 25 अक्टूबर 2022 की फर्जी रिपोर्ट को पहले ध्यान में नहीं लाया गया था। चूंकि यह मामला नागरिकों की सुरक्षा से संबंधित है, इसे ध्यान में रखते हुए एलजी ने सतर्कता निदेशालय को सीएल मीणा के खिलाफ सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम 14 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
सक्सेना ने यह भी राय दी कि श्रम विभाग द्वारा जब यह रिपोर्ट दे दी गई कि परिसर में कोई लिफ्ट नहीं है, फिर भी प्रमाण पत्र की न तो समीक्षा की गई और न ही वापस लिया गया, जिससे आकाश सिनेमा-सह-वाणिज्यिक परिसर को अनुचित लाभ मिला है। इसलिए एलजी ने सेवानिवृत्त हाे चुके उस समय के निदेशक अतुल गर्ग के कदाचार की जांच करने प्रासंगिक प्रविधानों के तहत बड़ी जुर्माना कार्यवाही शुरू करने पर विचार करने का निर्देश दिया है।
एलजी ने निरीक्षण, प्रमाणन और संबंधित प्रक्रियाओं में शामिल दिल्ली अग्निशमन सेवा के अन्य सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच करने और किसी भी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का भी निर्देश दिया है, जो चूक या कदाचार के लिए जिम्मेदार पाया जाए। |