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महराजगंज सड़क हादसा: मीटिंग में जाने की बात कह निकले थे संतोष, अगले दिन तिरंगे में लौटे

deltin33 3 hour(s) ago views 803
  

दारोगा के पार्थिव शरीर को कंधा देते एसएसपी डा. कौश्तुभ व एसपी सिटी अभिनव त्यागी। जागरण



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ड्यूटी पर जाते समय किसी ने नहीं सोचा था कि यह आखिरी विदाई होगी। सोमवार की सुबह नौ बजे जब दारोगा संतोष कुमार घर से निकले, तो पत्नी रूपा से बस इतना कहा कि मीटिंग है, देर हो सकती है। शाम तक न आने पर फोन किया तो दबिश में जाने की जानकारी देकर सुबह तक लौटने को कहा। पत्नी सुबह पांच बजे से ही उनकी राह देख रही थी इसी बीच खबर आई कि अब इस दुनिया में नहीं रहे।

बीआरडी मेडिकल कालेज के पोस्टमार्टम हाउस पर जो दृश्य था, उसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। मां गुलाबी देवी फूट-फूटकर रो रही थीं हमार त सब कुछ चल गईल ... अब बेटी के बियाह केकरा सहारे होई...? दो भाइयों में सबसे बड़े संतोष परिवार की रीढ़ थे। बहन पूर्णिमा पासवान की आंखें सूज चुकी थीं। भाई मिथिलेश बार-बार खुद को संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन शब्द गले में अटक जा रहे थे। पत्नी रूपा देवी 12 वर्षीय बेटे आयुष का हाथ थामे खड़ी थीं। आयुष बार-बार मां की ओर देखता, जैसे समझना चाहता हो कि पापा क्यों नहीं उठ रहे। रूपा देवी की सिसकियां थम नहीं रही थीं। उन्होंने कहा सुबह हंसते हुए निकले थे... अब सब खत्म हो गया।  

संतोष कुमार मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के असांव थाना क्षेत्र के सहसरांव गांव के निवासी थे। उनके पिता भी पुलिस विभाग में दीवान से दारोगा बने थे। ड्यूटी के दौरान ही पिता का निधन हो गया था।

परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा, लेकिन उसी दर्द ने संतोष को मजबूत बनाया। आश्रित कोटे से नौकरी मिली और उन्होंने पिता की विरासत को संभाला, मां की उम्मीदों को सहारा दिया। छोटे भाई-बहन की जिम्मेदारी उठाई। पर नियति ने वही कहानी दोहरा दी।

यह भी पढ़ें- VIDEO: दबिश से लौट रही गोरखपुर पुलिस टीम की स्कार्पियो पेड़ से टकराई, दरोगा की मौत, पांच घायल


पुलिस लाइन में अंतिम सलामी,आंखें हुईं नम
रामगढ़ताल थाने में तैनात संतोष कुमार के हादसे में निधन पर गोरखपुर पुलिस परिवार शोक में डूब गया। मंगलवार को दोपहर बाद पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। एसएसपी डा. कौस्तुभ और एसपी सिटी अभिनव त्यागी समेत कई अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर मौन धारण किया। सलामी की गूंज के बीच माहौल भारी हो गया।

निजी अस्पताल में भेजे गए घायल दारोगा
हादसे में घायल एसएसआइ रमेश चंद कुशवाहा और महिला दारोगा गीता को मंगलवार शाम बेहतर उपचार के लिए निजी नर्सिंग होम में शिफ्ट किया गया। डाक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन निगरानी जारी है। अन्य घायल अजीत कुमार यादव और स्कार्पियो चालक हेमंत कुमार बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती हैं।
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