बंगाल मुख्य सचिव ने आयोग को रिपोर्ट सौंपी
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। चुनाव आयोग के सख्त रुख को देखते हुए बंगाल के मुख्य सचिव ने मंगलवार को तय समय-सीमा के भीतर उसके निर्देशों पर अमल की रिपोर्ट दे दी है।
हालांकि यह साफ नहीं पाया है कि बूथ लेवल आफीसर (बीएलओ) के बढ़े हुए मानदेय के भुगतान सहित चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ एफआआईआर दर्ज की गई है या नहीं।
असम के दौरे पर गए आयोग ने इस दौरान बंगाल के मुख्य सचिव की ओर से अमल रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की है, साथ ही कहा है कि दौरे से लौटने के बाद रिपोर्ट को देखेंगे और उसके बाद जरूरी कदम उठाएंगे।
बंगाल मुख्य सचिव ने आयोग को रिपोर्ट सौंपी
आयोग ने पिछले दिनों बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अपने निर्देशों के अमल न होने पर तीखी नाखुशी जताई थी।
साथ ही कहा था कि वह 17 फरवरी को शाम साढ़े पांच बजे तक इसके अमल की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।सूत्रों की मानें तो आयोग इस तैयारी में भी है, यदि चुनाव की घोषणा से पहले बंगाल राज्य सरकार अपने स्तर से उसके निर्देशों का पालन नहीं करेगा तो चुनाव की घोषणा के बाद इसे अमल कराएगा।
वैसे भी चुनाव की घोषणा के बाद आयोग के अधीन राज्य का पूरा प्रशासनिक महकमा आ जाता है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने हाल ही में एसआइआर में गंभीर स्तर की गड़बड़ी करने वाले सात अधिकारियों को अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए निलंबित कर दिया है।
इससे पहले आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से ही इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था। अमल में देरी होते देख आयोग ने अपने स्तर से ही इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।
असम दौरे पर पहुंचा आयोग
पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों को जांचने के लिए चुनाव आयोग ने राज्यों में अपने दौरे शुरू कर दिए है। इसकी शुरूआत आयोग ने असम से की है।
असम दौरे पर पहुंचे चुनाव आयोग ने इस दौरान राज्य के राजनीतिक दलों के साथ चुनावी तैयारियों को लेकर विस्तार से बात की।
अधिकांश दलों ने राज्य में एक या दो चरणों में ही चुनाव कराने की मांग की। साथ ही चुनाव का तारीखें तय करते समय में राज्य के प्रमुख त्योहार बिहू को ध्यान में रखने की अपील की।
इसके बाद आयोग ने राज्य के आइजी, डीआइजी, डीईओ व एसएसपी के साथ चुनावी तैयारियों को लेकर विस्तार से बातचीत की। साथ ही डीईओ व एसपी को निर्देश दिए कि वे सोशल मीडिया पर फेंक न्यूज पर नजर रखे और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करें |
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