राज्य ब्यूरो, पटना। उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर मंगलवार को खान एवं भू-तत्व विभाग की समीक्षा बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा ने की। इसमें राज्य के सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया।
बैठक में कमजोर प्रदर्शन पर लखीसराय, जमुई, सारण, औरंगाबाद, गया, मधेपुरा और वैशाली सहित आठ जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब तलब किया गया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तय राजस्व लक्ष्य की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बालू, पत्थर और ईंट से होने वाली आय, नीलामी पत्र, जुर्माना तथा कार्य विभाग से प्राप्त राजस्व की स्थिति पर चर्चा की। लक्ष्य और वास्तविक वसूली के बीच अंतर को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया गया।
निदेशक ने दैनिक राजस्व वसूली की निगरानी मजबूत करने, विभागीय समन्वय बढ़ाने और लंबित बकाया की वसूली तेज करने के निर्देश दिए।
बालू घाटों की नीलामी, नीलाम किए गए घाटों के संचालन, वापस लिए गए घाटों की दोबारा नीलामी और ईंट सत्र 2025-26 के भट्टों से जुड़े भुगतान की भी समीक्षा की गई। पर्यावरण स्वीकृति से संबंधित लंबित मामलों को जल्द निपटाने और नियमों के अनुसार घाटों का संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही शिविर लगाकर रायल्टी और जुर्माना वसूली करने को कहा गया। निदेशक ने स्पष्ट किया कि राजस्व लक्ष्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय में सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। |