पुलिस की गिरफ्त में मास्टरमाइंड महिला। फोटो सौजन्य- एआई जेनरेटेड
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का चालान करते समय वीडियो बनाकर और उसे एडिट कर उगाही करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए क्राइम ब्रांच ने मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह की सरगना महिला थी जो अपने साथियों के साथ ब्लैकमेलिंग रैकेट चला रही थी।
इनकी पहचान समालखा, हरियाणा की महिला, वीडियो एडिट करने वाले सचिन और सुल्तानपुरी के आमिर उर्फ सिकंदर के रूप में हुई है। पुलिस इनसे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है।
उपायुक्त संजीव कुमार यादव के मुताबिक, यह गिरोह ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान चोरी-छिपे वीडियो रिकॉर्ड करता था और फिर उन्हें एडिट कर आपत्तिजनक रूप देता था। इसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल करने और झूठी शिकायत दर्ज कराने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठी जाती थी।
इस पूरे नेटवर्क की कमान महिला संभाल रही थी, जिसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर दिल्ली में एक संगठित ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट खड़ा कर दिया था। मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक कर्मी ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई कि उससे 1.20 लाख की वसूली की गई है।
साथियों के साथ हरियाणा से दिल्ली आती थी मास्टरमाइंड महिला
अधिकारी ने बताया कि कुछ लोग उसके खिलाफ एक मनगढ़ंत और एडिटेड वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार दबाव बना रहे थे। जांच में सामने आया कि वीडियो पूरी तरह फर्जी था, जिसे ब्लैकमेलिंग के मकसद से तैयार किया गया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मुकदमा दर्ज कर तकनीकी जांच, काल डिटेल रिकार्ड और सर्विलांस के जरिए गिरोह तक पहुंच बनाई।
जांच में पता चला कि मास्टरमाइंड महिला अपने साथियों के साथ हरियाणा से दिल्ली आती थी और चालान की कार्रवाई कर रहे ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को निशाना बनाती थी। गिरोह का एक सदस्य इन फुटेज को इस तरह एडिट करता था कि पुलिसकर्मी की छवि धूमिल हो और वीडियो आपत्तिजनक लगे। फिर धमकी भरे काल कर वीडियो प्रसारित करने और झूठी शिकायत दर्ज कराने का डर दिखाकर मोटी रकम वसूली जाती थी।
कैसे पकड़ा गया गिरोह?
क्राइम ब्रांच की टीम ने 10 फरवरी को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए हरियाणा के समालखा की रहने वाली महिला, उसके सहयोगी सचिन और दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी आमिर उर्फ सिकंदर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि महिला पहले भी इसी तरह के एक गिरोह से जुड़ी रही थी और सरगना की मौत के बाद उसने खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया था।
तीनों आरोपितों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें एडिटेड वीडियो, धमकी भरे काल रिकार्ड और लेन-देन से जुड़े अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। इनमें आरोपित आमिर जीशान अली द्वारा चलाए जा रहे एक और ऐसे ही क्राइम सिंडिकेट के साथी के तौर पर गिरफ्तार किया गया था। |
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