दिल्ली में रॉन्ग साइड में चलने पर हर दिन कटते हैं औसतन 5 चालान। (AI Generated Image)
मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। राजधानी की सड़कों पर गलत दिशा में वाहन चलाना अब सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सीधे तौर पर मौत को न्योता देने जैसा खतरनाक अपराध बन चुका है।
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस वर्ष तीन जनवरी से नौ फरवरी तक कुल 182 एफआइआर दर्ज की हैं। यानी औसतन प्रतिदिन पांच एफआइआर दर्ज की गई हैं। बावजूद इसके लोग लापरवाही से अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालकर गलत दिशा में वाहन दौड़ा रहे हैं।
नई दिल्ली में कटे सबसे अधिक चालान
पुलिस की कार्रवाई की बात करें तो नई दिल्ली जिले में पुलिस ने सबसे अधिक 53 एफआइआर दर्ज की हैं, जबकि सबसे कम पूर्वी रेंज में 11 एफआइआर दर्ज हुई हैं। इसके मतलब नई दिल्ली रेंज में पुलिस की सख्ती से लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ अधिक कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अक्सर देखने में आता है कि कुछ मिनट बचाने के चक्कर में चालक गलत दिशा से वाहन निकाल लेते हैं। यह जल्दबाजी कई बार आमने-सामने की टक्कर, गंभीर चोट, पैदल यात्रियों के घायल होने और लंबा ट्रैफिक जाम जैसी स्थितियां पैदा कर देती हैं।
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यही वजह है कि दिल्ली पुलिस ने इस जानलेवा प्रवृत्ति पर नकेल कसने के लिए एफआइआर का रास्ता चुना है, ताकि लोगों में कानून का डर और जिम्मेदारी दोनों पैदा हो। वहीं, ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, जोन-वन में 65 और जोन-टू में 117 एफआइआर दर्ज की गई हैं।
जोन-टू में दोगुना मामले
यानी जोन-टू में गलत दिशा में ड्राइविंग के मामले जोन-वन से लगभग दोगुने हैं। यह आंकड़ा राजधानी के साउथ, नई दिल्ली और वेस्ट दिल्ली क्षेत्रों में ट्रैफिक अनुशासन की बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश करता है।
सीसीटीवी कैमरो से रखी जा रही नजर
यातायात पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त नीरज ठाकुर के मुताबिक, यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। प्रमुख चौराहों, फ्लाईओवर, सर्विस रोड और रिहायशी इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सीसीटीवी कैमरों, ट्रैफिक स्टाफ और पेट्रोलिंग टीमों की मदद से ऐसे चालकों की पहचान कर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ एफआइआर, वाहन जब्ती और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाना और लोगों की जान बचाना है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे खुद नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। थोड़ी सी जल्दबाजी किसी की पूरी जिंदगी तबाह कर सकती है।
सुरक्षित ड्राइविंग ही जिम्मेदार नागरिक होने की सबसे बड़ी पहचान है।
किस रेंज में कितनी एफआईआर दर्ज
रेंज एफआईआर दर्ज
सेंट्रल रेंज
27
पूर्वी रेंज
11
उत्तरी रेंज
27
नई दिल्ली रेंज
53
दक्षिणी रेंज
37
पश्चिमी रेंज
27
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इस समाचार में उपयोग किए गए क्रिएटिव ग्राफिक्स को NoteBookLM आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस प्रोग्राम की सहायता से बनाया गया है।
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