सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, रांची। विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हुए हमले मामले में सरकारी गवाह बने माओवादी कुलदीप गंझू उर्फ बादल की जमानत पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून के प्रविधानों के तहत सरकारी गवाह को तब तक हिरासत में रहना होगा, जब तक ट्रायल की समाप्ति नहीं हो जाती। एनआइए ने आरोपित को नौ जनवरी 2023 को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वह हजारीबाग ओपन जेल में है।
कुलदीप गंझू ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार करते हुए सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई थी। जिसे अदालत ने जून 2023 में स्वीकार कर लिया था। अगस्त 2025 में उसकी गवाही भी पूरी हो चुकी है।
एनआइए के विशेष लोक अभियोजक मुकेश कुमार सिन्हा ने पक्ष रखा। बता दें कि पश्चिमी सिंहभूम के झिलरुआ गांव में एक खेल उत्सव के दौरान चार जनवरी 2022 को माओवादियों ने पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हमला कर दिया था।
इस हमले में उनके अंगरक्षक ठाकुर हेंब्रम और शंकर नायक शहीद हो गए थे और उनके हथियार भी लूट लिए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी जांच एनआइए को सौंपी थी। |