30 मिनट में पहुंचेगी टीम। (AI Generated Image)
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में जंगली जानवरों के बढ़े हमले और इस वजह से हो रही मौत को रोेकने के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग ने सोमवार को बैठक की।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में पशुओं के हमले में मारे गए लोगों के परिवार को 12 दिनों की जगह सात दिनों में मुआवजा देने की बात कही गई।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) ने बैठक में कहा कि वन्य जीवों के साथ रोकने के लिए तकनीकी सेवाओं को कारगर बनाएं और आधारभूत संरचना को मजबूत करें।
पीसीसीएफ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाथियों के हमले में मारे गए लोगों के स्वजन को हर हाल में सहायता दिलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने संबंधित वन अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों को बचाव के लिए उपकरण और सामग्री उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 680 हाथी हैं।
इनकी सुरक्षा के साथ आमलोगों की जान बचाना भी विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि हाथियों के आने की सूचना मिलते ही 30 मिनट की समय सीमा में वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम पहुंचनी चाहिए।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी रवि रंजन ने वन प्रमंडल पदाधिकारियों को कहा कि हाथी को शांत करने का प्रयास करें। हाथी के साथ क्यूआरटी चले और दूसरे वन प्रमंडल को इसकी जानकारी दी जाए।
बैठक में पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ रवि रंजन एवं मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी, एसआर नटेश, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रशासन बनकर अजिंक्य सहित राज्य के सभी वन प्रमंडल पदाधिकारी, वन संरक्षक और सभी आरसीसीएफ उपस्थित थे।
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