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बेहतर कनेक्टिविटी के लिए यमुना तटबंध पर 23 किमी लंबा एलिवेटेड रोड बनाया जा सकता है।
जागरण संवाददाता, नोएडा। जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए यमुना तटबंध पर 23 किमी लंबा एलिवेटेड रोड बनाया जा सकता है। यह रोड यूपीडा बनाएगा। नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड से इसे अनुमति मिल चुकी है।
ऐसे में अब यूपीडा ही उत्तर प्रदेश सिंचाईं विभाग से एनओसी भी लेगा, लेकिन इस पर आने वाले खर्च को तीनों प्राधिकरण (नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण) वहन करेगा। इस ट्रैक के बनने से नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात भार कम होगा।
एक्सप्रेसवे छह लेन एलिवेटेड होगा
यह एलिवेटेड रोड छह लेन का बनाया जाएगा। प्राधिकरण का पहले मत था कि इस एलिवेटेड रोड का निर्माण एनएचएआइ करे, लेकिन बोर्ड और शीर्ष अधिकारियों की बैठक के बाद तय किया गया कि अब निर्माण यूपीडा ही करेगा। इस ट्रैक में सबसे ज्यादा हिस्सा नोएडा प्राधिकरण का होगा। यह एक्सप्रेसवे छह लेन एलिवेटेड होगा।
बढ़ते यातायात के दबाव को करेगा कम
यह ओखला बैराज से हरनंदी यमुना होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे तक जाएगा। इससे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के लिए दिल्ली से सीधे कनेक्टिविटी भी होगी। इसका फायदा तीनों प्राधिकरण नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के क्षेत्र को मिलेगा। नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते यातायात के दबाव को लेकर यह लिंक रोड बहुत अहम होगा।
दो स्थानों पर प्रवेश और निकास के लिए लूप
अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में नोएडा ग्रेटर नोएडा को जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे है। यह एक्सप्रेसवे जीरो प्वाइंट पर यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ता है। योजना है कि यमुना तटबंध पर एक एलिवेटेड रोड बनाई जाए। यमुना तटबंध होते हुए हरनंदी को पार कर यह लिंक रोड यमुना एक्सप्रेसवे तक जाएगा।
दो स्थानों पर प्रवेश और निकास के लिए लूप या अंडरपास बनाने की आवश्कता पड़ेगी। लूप या अंडरपास सेक्टर-168 फरीदाबाद नोएडा गाजियाबाद (एफएनजी) को जोड़ेगा। दूसरा सेक्टर-150 में सेक्टर-149 ए व सेक्टर-150 के बीच 75 मीटर चौड़ी सड़क को जोड़ेगा।
प्रदूषण पर नियंत्रण
“एलिवेटेड रोड के बनने से दिल्ली हरियाणा की ओर जाने वाली व ग्रेटर नोएडा यमुना एक्सप्रेसवे एवं अन्य शहरों को जाने वाला यातायात नोएडा में बिना प्रवेश किए एक्सप्रेसवे से सीधे गुजर जाएगा। भविष्य में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की ओर जाने वाला यातायात सुगम होगा। आगरा, लखनऊ के जाने वाले लोगों को आसानी होगी। प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सकेगा।“
-कृष्णा करुणेश, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण।
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