प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते अभय चौटाला। फोटो जागरण
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार द्वारा समस्त बुजुर्गों के खातों में पेंशन डाल दिए जाने के बाद इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी (इनेलो) ने 20 फरवरी को पंचकूला में बुजुर्ग विजय दिवस मनाने की घोषणा की है। इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने करीब 10 दिन पहले घोषणा की थी कि पात्र लोगों की पेंशन काटने के विरोध में 20 फरवरी को पंचकूला में राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा।
अभय चौटाला ने दावा किया कि सरकार ने इस प्रदर्शन से पहले ही वंचित बुजुर्गों के खातों में पेंशन डाल दी और तीन महीने के रुके हुए 600-600 रुपये का एरियर भी भेज दिया है। यह इनेलो की जीत है, जिसे बुजुर्ग विजय दिवस के रूप में बदल दिया गया है।
चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि बुढ़ापा सम्मान पेंशन काटने के खिलाफ हमारी अपील पर पूरे हरियाणा से बुजुर्ग लामबंद हुए। उन लोगों ने इनेलो पार्टी के प्रदर्शन में आने के लिए वीडियो तक डाल दिए थे।
सीएम से किए तीखे सवाल
हम विधानसभा में मुख्यमंत्री से पूछेंगे कि जब आपने कहा था कि एक लाख पांच हजार बुजुर्गों की मौत हो चुकी है, इसलिए उनकी पेंशन बंद हो गई है, लेकिन अब पेंशन शुरू कर दी गई है तो यह कैसे खातों में डाली गई है।
रिटायर्ड आइएएस अधिकारी अशोक खेमका के विरुद्ध जांच जारी रखे जाने संबंधी याचिका से जुड़े सवाल पर अभय चौटाला ने कहा कि खेमका ने एसीएस रहते हुए कुछ लोगों की भर्ती की थी, जो खर्ची की भर्ती थी।
अभय चौटाला ने कहा कि चूंकि यह भर्ती बिना किसी नियम के की गईं थी, इसलिए हाई कोर्ट ने सरकार से इस पर जवाब मांगा है। राज्य सरकार ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। सरकार अपने आप को और खेमका को बचाने के लिए चुप हो गई।
किसी की मान्यता रद नहीं होगी
हम विधानसभा में यह मुद्दा उठाएंगे। स्कूलों की मान्यता से जुड़े सवाल पर चौटाला ने कहा कि किसी की मान्यता रद नहीं की जाएगी। सरकार का काम है कि वह शिक्षा विभाग के माध्यम से धनराशि इकट्ठा कराएगी और उन्हें छूट दे दी जाएगी। ऐसा पहले भी कई बार किया जा चुका है।
इनेलो प्रमुख ने आरोप लगाया कि राज्य में कई मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के रिश्तेदार कालोनाइजर बने हुए हैं। हरियाणा में धड़ल्ले से कालोनियां काटने के लाइसेंस दिए जा रहे हैं। यह सभी लाइसेंस जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों के नाम पर जारी होते हैं।
किसानों को होगा भारी नुकसान
प्रदेश को जमकर लूटने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर ट्रेड डील की है। इस ट्रेड डील का सबसे ज्यादा नुकसान देश के किसानों को होगा। इससे कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के सेब की खेती करने वाले किसानों को भी भारी नुकसान होगा।
यह ट्रेड डील तीन कृषि कानूनों से भी ज्यादा नुकसानदायक है। किसान नेताओं को इसका खुलकर विरोध करना चाहिए। इस बारे में वह किसान नेताओं को चिट्ठी भी लिखेंगे। |