जागरण संवाददाता, मेरठ। ऑपरेशन सिंदूर के बाद युद्ध की बदलती तस्वीर के बीच मेरठ में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा मेरठ में देश के पहले मानव रहित विमान व ड्रोन रनवे का निर्माण किया जाएगा। मुख्य अभियंता प्रोजेक्ट शिवालिक बीआरओ देहरादून ने इसके लिए 406 करोड़ रुपये की परियोजना का टेंडर जारी कर दिया है।
सात महीने में चयनित कार्यदायी एजेंसी को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करनी होगी। डीपीआर मंजूर होने के बाद 18 माह में निर्माण कार्य पूर्ण होगा। 24 महीने डिफेक्ट लायबिलिटी और बाकी के 36 महीने रखरखाव और निगरानी के लिए निर्धारित किये गए हैं।
किला रोड पर 900 एकड़ जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित की गई है। यहां 2,110 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनाए जाने की योजना है। यह रनवे केवल ड्रोन ऑपरेशन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सी-295 और सी-130 जैसे मध्यम श्रेणी के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को भी संभालने में सक्षम होगा। बेस पर विमानों और ड्रोन को रखने के लिए 60 मीटर चौड़े और 50 मीटर लंबे 2 हैंगर भी बनाए जाएंगे।
मिलिट्री फार्म की है यह जमीन, फिलहाल होता है प्रशिक्षण
मानव रहित विमान व ड्रोन रनवे का निर्माण के लिए जिस किला रोड पर 900 एकड़ जमीन चिन्हित की गई, फिलहाल वहां प्रशिक्षण होता है। मेरठ छावनी में मिलिट्री फार्म की स्थापना वर्ष 1908 में हुई थी। 20 जुलाई 2017 को मिलिट्री फार्म बंद हो गया। मेरठ छावनी में मिलिट्री फार्म मवाना रोड से किला राेड तक फैला है।
करीब एक साल पहले जिला प्रशासन ने 65 एमएलडी क्षमता सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट यह जमीन देने का आग्रह सेना से किया था तब सेना ने स्पष्ट किया था कि यह जमीन एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित की गई है। विगत दिनों बरेली से सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने यहां का मुआयना भी किया था।
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