दोनों पक्षों के खिलाफ मामले दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टीपू सुल्तान को छत्रपति शिवाजी महाराज के समकक्ष बताने वाली कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल की टिप्पणी के विरोध में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने रविवार को पुणे में विपक्षी दल के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं पर उसके कार्यकर्ताओं पर पथराव करने का आरोप लगाया। संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा ने बताया कि इस विवाद में तीन कांग्रेस कार्यकर्ता, दो भाजपा कार्यकर्ता, दो पुलिसकर्मी और दो पत्रकार मामूली रूप से घायल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के खिलाफ मामले दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पुणे शहर कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंद शिंदे ने कहा कि पार्टी ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मेयर मंजुषा नागपुरे, भाजपा शहर अध्यक्ष धीरज घाटे, दुष्यंत मोहाल और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।
मालेगांव महानगरपालिका की उप-महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान का चित्र लगाए जाने को लेकर शनिवार को विवाद हो गया था। शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने छत्रपति शिवाजी महाराज से टीपू सुल्तान की तुलना करते हुए उसकी तारीफ की थी।
इससे पहले कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के नेता सचिन सावंत ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने और ध्रुवीकरण का एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। एक बयान में कांग्रेस नेता ने कई उदाहरणों का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा नेताओं ने पहले सार्वजनिक जगहों और आधिकारिक मंचों पर टीपू सुल्तान की प्रशंसा की थी।
2012 में पार्टी ने अकोला महानगरपालिका में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें पूर्व महापौर और भाजपा के अकोला चुनाव प्रभारी विजय अग्रवाल ने स्थायी समिति हाल का नाम \“शहीद-ए-वतन शेर-ए-मैसूर टीपू सुल्तान\“ रखने की बात कही थी।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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