LHC0088 • 3 hour(s) ago • views 887
सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू होने से पहले बोर्ड प्रशासन ने परीक्षाओं की शुचिता और मूल्यांकन की गरिमा बनाए रखने के लिए कमर कस ली है।
बोर्ड सचिव ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि यदि किसी परीक्षार्थी की उत्तर-पुस्तिका में नकदी (रुपये) पाई जाती है, तो कापी को सील करते हुए उसके खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई की जाए।
यूपी बोर्ड के सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिए निर्देश
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। जनपद में 136 केंद्रों पर परीक्षा होंगी। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य इस बार परीक्षाओं और मूल्यांकन की प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और मानक अनुरूप बनाना है। बोर्ड सचिव द्वारा जारी पत्र में इस बात पर चिंता जताई गई है कि पिछले अनुभवों के आधार पर देखा गया है कि कुछ परीक्षार्थी अनजाने में या भ्रामक धारणाओं (जैसे रुपये देने से अंक बढ़ जाएंगे) के वश में आकर अपनी उत्तर-पुस्तिकाओं के भीतर भारतीय मुद्रा (नोट) नत्थी कर देते हैं।
18 फरवरी से शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं, 12 मार्च को होगा समापन
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसी क्रियाएं न केवल परीक्षा के अनुशासन के विरुद्ध हैं, बल्कि परीक्षार्थी के भविष्य को भी खतरे में डाल सकती हैं। इसे रोकने के लिए प्रदेश के समस्त परीक्षा केंद्रों को निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
केंद्र व्यवस्थापक यह सुनिश्चित करेंगे कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही छात्रों को सूचित कर दिया जाए कि उत्तर-पुस्तिका में किसी भी प्रकार की अवांछित सामग्री या मुद्रा रखना \“अनुशासनहीनता\“ माना जाएगा।
सतर्क दृष्टि
कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा के दौरान छात्रों पर पैनी नजर रखें ताकि कोई भी छात्र ऐसी गलती न करे।
राजकोष में जमा होगी रकम
यदि संकलन या मूल्यांकन के दौरान किसी उत्तर-पुस्तिका से मुद्रा प्राप्त होती है, तो उसे तत्काल नियमानुसार सरकारी राजकोष में जमा कराया जाएगा। ऐसी घटनाओं की जानकारी बिना किसी देरी के जिला विद्यालय निरीक्षक को दी जाएगी, ताकि संबंधित छात्र और केंद्र पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि उत्तर-पुस्तिकाओं के संकलन और मूल्यांकन की प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। |
|