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फ्लावर शो में प्रदर्शित आकर्षक ट्यूलिप के फूलों को निहारते लोग। पारस कुमार
नितीश कुमार, पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में सूरजमल विहार स्थित बाहुबली पार्क शनिवार को उत्तराखंड स्थित फूलों की घाटी जैसा दिखाई दिया। सुंदर रंग-बिरंगे फूलों के बीच प्रकृतिप्रेमियों ने जमकर आनंद लिया। इस दौरान आयोजकों ने लोगों से प्रकृति के साथ जुड़ने और पौधे लगाने की अपील भी की।
सूरजमल विहार में आइपी हार्टीकल्चर सोसायटी के तरफ से 28 वां इंद्रप्रस्थ फ्लावर शो आयोजित किया गया। इस दौरान पार्क को प्रकृति में सामंजस्य की थीम पर सजाया गया।
फ्लावर शो में चाक पर गमला बनाना सीखती बच्ची। जागरण
फ्लावर शो की थीम इस तरह से डिजाइन की गई, मानो कश्मीर की शांत घाटियों के साथ-साथ बर्फ से ढके पहाड़ों और हरियाली से भरी घाटियों के मनोरम दृश्यों का अनुभव हुआ।
बाहुबली एन्क्लेव स्थित पार्क में आयोजित फ्लावर शो में सुंदर रंग-बिरंगे फूलों को देखते लोग। पारस कुमार
इस दौरान 100 से ज्यादा तरह के पौधे पर फूलों की प्रजातियां दिखाई दीं, जिनमें गुलाब, सूरजमुखी, ट्यूलिप, जीनिया, पिटुनिया, मैरी गोल्ड आदि पौधों की कई प्रजातियां शामिल थीं।
फ्लावर शो में प्रदर्शित गमले में उगती गोभी शिमला मिर्च को देखते बच्चे। जागरण
इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति मधु जैन और पूर्व विधायक नसीब सिंह रहे। उन्होंने आयोजकों की सराहना की। साथ ही शो में आए लोगों से प्रकृति के प्रति उदार होकर जुड़ने की अपील की।
बच्चों के लिए आयोजित हुई प्रतियोगिता
शो में बाल प्रतियोगिता के जरिए बच्चों के बीच पर्यावरण से जुड़ी जानकारी साझा की गई । इस दौरान सही जवाब देने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। वहीं प्रकृति को बचाओ थीम पर आधारित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों से बीच प्रकृति के प्रति सहज और उदार होने की अपील की गई। इनमें कालेज, स्कूल के छात्र और एमसीडी, उत्तरी- रेलवे और सीपीडब्ल्यूडी के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
बाहुबली एन्क्लेव स्थित पार्क में आयोजित फ्लावर शो में फूल गमला व बाग बगीचे को सजाने वाली वस्तुएं। पारस कुमार
इस प्रतियोगिता में एमसीडी, उत्तरी रेलवे और सीपीडब्ल्यूडी ने सात से अधिक पुरस्कार जीते। आइपी हार्टीकल्चर सोसायटी की सचिव रचना जैन ने कहा कि हर साल हम इस प्रकार के शो का आयोजन लोगों को प्रकृति से जोड़ने के लिए करते हैं। अगर सभी लोग थोड़े जागरूक होकर पौधों से प्यार करने लगें तो दिल्ली की प्रदूषण की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। |
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