फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, बरेली। हिस्ट्रीशीटर महाठग कन्हैया गुलाटी ने लोगों के 800 करोड़ रुपये ठग लिए। इन सभी रुपयों को ठग ने अपने 35 बैंक खातों में ही डिपोजिट कराया मगर भागने से पहले उसने सभी खातों को शून्य कर दिया। सभी रकम विड्राल करने के बाद फरार हो गया।
पुलिस की साइबर टीम अब गुलाटी के सभी बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि, आखिर इसने यह रुपया कहां-कहां ट्रांसफर किया और कितना रुपये कैश में निकाला। तीन दिन के भीतर सभी जानकारी सामने आ जाएगी।
पुलिस की जांच में सामने आया 30 खाते कंपनी के नाम बाकी पांच स्वयं, पत्नी और बेटे के नाम
इंवेस्टमेंट के नाम पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले कन्हैया गुलाटी ने अब तक हजारों लोगों से ठगी की। शुरुआत में उसने लोगों को निवेश की गई धनराशि का पांच प्रतिशत मुनाफा हर माह देने का वादा किया और 22 माह बाद पूरी रकम वापस लेने का झांसा दिया।
झांसे में आए लोगों ने करोड़ो रुपये निवेश किए। शुरूआत में गुलाटी ने कुछ महीनों तक लोगों को मुनाफे की पांच प्रतिशत रकम लौटाई मगर उसके बाद रकम लौटाना बंद कर दिया और फरार हो गया। मामले में लोगों ने प्राथमिकी लिखाना शुरू कर दी।
सभी खातों की जांच कर रही साइबर टीम, इन 35 खातों से कहां-कहां ट्रांसफर की गई रकम
मामले की जांच के लिए डीआईजी अजय कुमार साहनी ने एक एसआईटी भी गठित कर दी। इसके बाद सभी मुकदमों की जांच एसआइटी को सौंपी जाने लगी। अब तक गुलाटी व उसके गैंग के सदस्यों के विरुद्ध 63 मुकदमे पंजीकृत हो चुके हैं। एसआईटी की जांच में सामने आया कि गुलाटी के 35 खातों में ठगी की रकम लेता था। इसमें से एक खाता उसकी पत्नी, एक खाता उसके बेटे और तीन खाते खुद के नाम हैं। बाकी के 30 बैंक खाते कंपनी के नाम से खोले गए थे।
फरार होने से पहले कर दिए थे सभी खाते खाली
पुलिस ने जब सभी खातों की जानकारी जुटाई तो पता चला कि किसी भी एक भी रुपया नहीं हैं। फरार होने से पहले गुलाटी ने सभी खातों को खाली कर दिया था। अब साइबर टीम उसके बैंक खातों से रुपये ट्रांसफर होने वाले खातों की जानकारी जुटा रही हैं। |