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बुझे तीन घरों के चिराग, अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे तीनों; 5 दोस्तों की मौत से हर तरफ छाया मातम

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मृतक साहिल (बीच में) उसके दाएं दीपक, सागर, बाएं अंकुश व मोहित। सौ. स्वजन



नंदकिशोर भारद्वाज, सोनीपत। सोनीपत जिले में तेज रफ्तार के कारण हंसते-खेलते घरों के इकलौते चिराग बुझ रहे हैं। गांव घड़वाल के पास शुक्रवार शाम हुए हादसे का कारण भी तेज रफ्तारी ही बना।

स्कॉर्पियो का ड्राइवर लिंक रोड पर गाड़ी को 100 किमी प्रति घंटे से ऊपर की गति से चला रहा था। अचानक ही गफलत में जरा सा ध्यान चूका की गाड़ी पेड़ से भिड़ गई और पांच युवक काल के गाल में समा गए। इनमें से तीन युवक अपने घरों के इकलौते बेटे थे।

बताया गया कि पांच दोस्तों की मौत ने जिले में पिछले साल बड़े हादसों में कई-कई युवाओं की मौत की यादें ताजा कर दी। इस हादसे के बाद रोहतक के गांव जिंदरान, खिड़वाली, घुसकानी व गोहाना के भावड़ में मातम पसर गया।

  

अस्पताल में डीसीपी भारती डबास स्वजन से बातचीत करते हुए। जागरण

उधर, हादसे की सूचना मिलने के बाद चारों गांवों से परिजन व ग्रामीण खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल पहुंच गए। आज शनिवार को पांचों दोस्तों के शवों का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

वाहनों की तेज रफ्तार हादसों का कारण बन रही है। पुलिस के जागरूकता अभियानों और चालान काटने का युवाओं पर कोई असर नहीं पड़ रहा। हादसों में इकलौते बेटों को खोने के बाद मां-बाप को उनका गम ताउम्र सालता है।

ऐसे दंपतियों की जिंदगी बेटों की यादों के सहारे आंसू बहाते हुए गुजरती है। ऐसा ही हादसा शुक्रवार देर शाम को गांव घड़वाल के पास हुआ। स्कॉर्पियो के पेड़ से टकराने के बाद पांच दोस्तों की मौत हो गई।

  

घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त गाड़ी। जागरण

हादसे में मरने वाले गांव खिड़वाली के दीपक, साहिल, अंकुश, गांव घुसकानी के रोहित उर्फ गोलू व सागर में से दीपक, साहिल व रोहित अपने घर के इकलौते बेटे थे। उनके मां-बाप पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा।

वहीं, पिछले साल दिसंबर में एनएच-44 पर नांगल खुर्द फ्लाईओवर पर मुरथल में पार्टी करने दिल्ली से स्कूटी पर आए तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इनमें से दो युवक अपने घरों के इकलौते बेटे थे।

सात जुलाई, 2025 को बागपत के बिनौली गांव के चार युवक एक का जन्मदिन मनाने के लिए स्कॉर्पियो गाड़ी से मुरथल पहुंचे। यहां पार्टी करने के बाद घर लौटते समय उनकी तेज रफ्तार गाड़ी एनएच-44 पर सेक्टर-सात के फ्लाईओवर पर डिवाइडर से टकराकर दिल्ली से पानीपत लेन में जा पहुंची और सामने से आ रहे एक ट्राले से टकरा गई। हादसे के बाद गाड़ी में आग लग गई और इसमें चार युवकों की मौत हो गई।

बिनौली गांव का प्रिंस धामा अपना 28वां जन्मदिन मनाने के लिए अपने दोस्त विशाल, आदित्य और सचिन के साथ मुरथल के ढाबे पर आया था। पार्टी करने के बाद रात करीब 11:30 बजे वापसी में सेक्टर-7 फ्लाईओवर के पास स्कार्पियो ट्राले से भिड़ गई। प्रिंस और सचिन की मौके पर ही मौत हो गई।

स्कॉर्पियो पलटकर आदित्य के ऊपर जा गिरी और जलती हुई गाड़ी के नीचे दबकर उसकी भी जान चली गई। शेखर उर्फ आदित्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। विशाल भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। प्रिंस धामा और आदित्य उर्फ शेखर परिवार के इकलौते बेटे थे।

वहीं, 22 अक्टूबर, 2025 को दिल्ली के नांगलोई के सुमित, मोहित व अनुराग मुरथल से लौटते समय दिल्ली के लिवासपुर फ्लाईओवर के बाद में बुलेट बाइक डिवाइडर से टकराने से तीनों की मौत हो गई थी। तीनों में से एक दोस्त ने नई बुलेट बाइक खरीदी थी, उसी पार्टी करने के बाद वे घर लौट रहे थे। तीनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। सिर में चोट लगने से तीनों की मौत हो गई थी।

कुंडली में दिल्ली से मुरथल आ रहे स्कूटी सवार युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। सड़क पर गिरे युवकों की मदद के लिए दिल्ली का एक कार सवार युवक हाईवे पर कर उनके पास जा रहा था, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे कुचल दिया था। हादसे में तीनों की मौत हो गई थी।

यह भी पढ़ें- \“बार-बार टोका पर नहीं माना ड्राइवर\“, लापरवाही से पांच दोस्तों की जिंदगियां खत्म; गांवों में पसरा मातम

अक्टूबर 2025 में जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे पर गांव रुखी के निकट हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई थी। चारों युवक रोहतक के घिलौड़ गांव के थे।


पुलिस सड़क हादसों को लेकर सतर्क है। पुलिस शराब पीकर वाहन चलाने, गलत लेन में चलने, बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट या ओवर स्पीड में चलने वालों के चालान काटती है। इसके अलावा वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए भी लगातार जागरूक किया जाता है। - नरेन्द्र कादियान, डीसीपी, ट्रैफिक, सोनीपत

रोहित की दो माह पहले हुई थी शादी

रोहित उर्फ गोलू की दो माह पहले शादी हुई थी। वह अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसके पिता खेती करते हैं। साहिल केे पिता सतबीर फैक्ट्री में नौकरी करते थे। रोहित के पिता रामबीर प्राइवेट बस चलाते थे। रोहित, अंकुश, दीपक, साहिल व सागर रोजगार की तलाश कर रहे थे।
भावड़ में अलग-अलग जगह से आई थी बरात

गांव भावड़ में दो सगी बहनों की शादी थी। उनकी बरात अलग-अलग गांव से आई थी। जब गांव घड़वाल के पास हादसा हुआ तब एक बहन की शादी हो चुकी थी और उसके बाद दूसरी बहन की शादी की तैयारी की जा रही थी। हादसे के बाद शादी में मातम पसर गया और कार्यक्रम छोटा करके शादी की रस्में परी की गईं।
घटना के कारणों का पुलिस लगा रही पता

लिंक रोड पर गांव घड़वाल के पास जहां हादसा हुआ वहां पर मोड़ भी नहीं है। हादसे के कारणों को पता लगाने के लिए पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। एफएसएल की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। डीसीपी भारती डबास ने अस्पताल पहुंचकर मृतकों के स्वजन को उचित व त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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