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Shani Pradosh 2026: शनि की टेढ़ी नजर से बचाएंगे प्रदोष व्रत के ये 5 अचूक उपाय, रातों-रात बदलेगा लक

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Shani Pradosh Vrat: शनि प्रदोष व्रत 2026 पर क्या करें (Image Source: AI-Generated)



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव (Shani Dev) को न्याय का देवता माना गया है। वहीं, भगवान शिव को उनका गुरु कहा जाता है। जब त्रयोदशी तिथि शनिवार के दिन पड़ती है, तो उसे \“शनि प्रदोष व्रत\“ (Shani Pradosh Vrat) कहा जाता है। यह दिन उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के कष्टों से जूझ रहे हैं।

साल 2026 की फरवरी में शनि प्रदोष व्रत 14 फरवरी को पड़ रहा है, जो महाशिवरात्रि से ठीक एक दिन पहले होने के कारण और भी प्रभावशाली हो गया है।
शनि प्रदोष का महत्व (Importance Of Shani Pradosh)

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में महादेव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं। इस समय की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, वर्तमान में कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती (Sadhesati), जबकि सिंह और धनु राशि पर ढैय्या का प्रभाव है। शनिवार और त्रयोदशी का यह मेल शनि के अशुभ प्रभावों को शांत करने का सबसे उत्तम समय माना जाता है।

  

(Image Source: AI-Gene)
साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्ट दूर करने के उपाय (Sadhesati Remedies)

अगर आप शनि जनित बाधाओं से परेशान हैं, तो इस विशेष दिन इन उपायों को जरूर आजमाएं:

  • पीपल के नीचे दीपदान: शनिवार की शाम पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। माना जाता है कि पीपल में त्रिदेवों और शनि देव का वास होता है।


  • शिवलिंग का काले तिल से अभिषेक: प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करें। साथ ही, बेलपत्र अर्पित करते हुए \“ॐ नमः शिवाय\“ का जाप करें। महादेव की कृपा से शनि दोष का प्रभाव कम होने लगता है।


  • शनि मंत्रों का जाप: इस दिन \“ॐ शं शनैश्चराय नमः\“ मंत्र की कम से कम 108 बार जाप करें। इससे मानसिक शांति मिलती है और अटके हुए कार्य गति पकड़ने लगते हैं।


  • छाया दान की विधि: एक कांसे या स्टील की कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान कर दें या शनि मंदिर में रख दें।


  • हनुमान चालीसा का पाठ: शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि जो उनकी पूजा करेगा, उसे शनि कभी कष्ट नहीं देंगे। इसलिए इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी होता है।

दान का विशेष फल

शनि प्रदोष के दिन काले कपड़े, काली उड़द दाल, कंबल, छाता या जूतों का दान करने से राहु-केतु और शनि के दोष शांत होते हैं। इस दिन गरीब और असहाय लोगों की मदद करना शनि देव को सबसे अधिक प्रिय है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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