पिछले 5 साल में गड्ढों से 53% अधिक मौतें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने संसद को बताया है कि सड़क पर गड्ढों के कारण होने वाली मौतों में पिछले पांच वर्षों में 53 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गड्ढों से संबंधित सड़क दुर्घटनाओं में 2020 से 2024 के बीच देशभर में 9,438 लोगों को जान गंवाना पड़ा।
इनमें से सबसे अधिक 54 प्रतिशत से अधिक मौतें उत्तर प्रदेश में हुईं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा साझा किए गए डाटा के अनुसार, 2021 में मौतों में थोड़ी कमी आई, इसके बाद से यह लगातार बढ़ती गई।
पिछले 5 साल में गड्ढों से 53% अधिक मौतें
सड़क पर गड्ढ़ों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में उत्तर प्रदेश में 2020 से 2024 के बीच 5,127 मौतें हुईं। इनमें से 1,369 मौतें 2024 में ही हुई, जबकि 2023 में 1,320 और 2022 में 1,030 मौतें हुईं।
राज्य पुलिस रिपोर्टों से प्राप्त डाटा के अनुसार, आंध्र प्रदेश, बिहार और गोवा में पांच वर्षों के दौरान गड्ढा संबंधित दुर्घटना या मौत की जानकारी नहीं है।
देशभर में 9,438 लोगों ने गंवाई जान गड्ढों के कारण
राष्ट्रीय स्तर पर इस अवधि में 23,056 गड्ढा संबंधित दुर्घटनाएं हुईं, जिससे 19,956 लोग घायल हुए। इनमें से 9,670 गंभीर रूप में घायल हुए।
गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है, वहीं राज्य सरकारें अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सड़कों के लिए जिम्मेदार हैं।
गडकरी ने यह भी कहा कि सरकार ने मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के रखरखाव को प्राथमिकता दी है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रणाली स्थापित की है कि सभी खंडों की मरम्मत जिम्मेदार रखरखाव एजेंसियों द्वारा की जाए। |