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कोल इंडिया का तीसरी तिमाही का मुनाफा 16% घटा, फिर भी शेयरधारकों को ₹5.50 लाभांश

Chikheang Yesterday 22:29 views 409
  

कोल इंडिया के मुनाफा में गिरावट। (प्रतीकात्मक फोटो)  



जागरण संवाददाता, धनबाद। कोल इंडिया ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। कंपनी के शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मुख्य रूप से कर्मचारी वेतन संशोधन के लिए किए गए भारी प्रावधान और परिचालन खर्चों में बढ़ोतरी के कारण मुनाफे पर दबाव देखा गया।

मुनाफे और राजस्व का गणित शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कोल इंडिया का समेकित शुद्ध लाभ 7,166.45 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 8,491.50 करोड़ था। वहीं, कंपनी का परिचालन राजस्व भी पांच प्रतिशत घटकर ₹34,924 करोड़ रह गया है।

शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का ऐलान
मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी ने अपने निवेशकों को निराश नहीं किया है। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5.50 प्रति शेयर के तीसरे अंतरिम लाभांश को मंजूरी दी है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 18 फरवरी व भुगतान तिथि 13 मार्च रखा गया है।  
मुनाफे में कमी के कारण
1. वेतन संशोधन का बोझ

अधिकारियों के वेतन संशोधन के लिए कंपनी ने इस तिमाही में 2,201 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। इसके चलते कर्मचारी लागत में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ा।
2. उत्पादन और उठाव में सुस्ती

कोयला उत्पादन एक प्रतिशत घटकर 200.05 मिलियन टन रह गया। वहीं, उठाव (डिस्पैच) में भी तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे राजस्व प्रभावित हुआ।
3. ई-नीलामी से कम कमाई

ई-नीलामी के जरिए मिलने वाले प्रीमियम में कमी आई है। इस तिमाही में औसत प्राप्ति 2,434 रुपये प्रति टन रही, जबकि पिछले वर्ष यह 2,684 रुपये प्रति टन थी।
भविष्य की रणनीति और नए प्रोजेक्ट्स

Coal India Limited अब केवल कोयला खनन तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी विविधीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रही है—


  • 1,600 मेगावाट सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट:
    Damodar Valley Corporation के साथ मिलकर झारखंड में इस परियोजना पर काम किया जा रहा है।

  • दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth) ब्लॉक:
    महाराष्ट्र में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दुर्लभ मृदा तत्व ब्लॉक हासिल किया गया है, जिससे भविष्य में आय के नए स्रोत विकसित करने की योजना है।



मुख्य वित्तीय आंकड़े
- शुद्ध लाभ : 7,166 करोड़ 16 प्रतिशत की गिरावाट
-परिचालन से राजस्व 34,924 करोड़ ( पांच प्रतिशत की गिरावट)
-ईबीआइटीडीए 10,285 करोड़ (25 प्रतिशत की गिरावट)
-मार्जिन: घटकर 26.7 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल 33.4 प्रतिशत था
- प्रति शेयर आय : 11.63 (पिछले वर्ष 13.79 था ।

बीसीसीएल की तीसरी तिमाही में घाटा
कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में कंपनी को 22.88 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ने 424.99 करोड़ का भारी मुनाफा कमाया था।

राजस्व में 25 प्रतिशत की बड़ी गिरावट
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, परिचालन से होने वाले राजस्व में भारी कमी आई है। इस तिमाही में राजस्व 2,584.77 करोड़ रहा, जो पिछले साल के 3,466.59 करोड़ के मुकाबले लगभग 25.4 प्रतिशत कम है।

कोकिंग कोल की मांग में कमी और बाजार की बदलती स्थितियों को इस गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है। इसके साथ ही नौ माह का प्रदर्शन (अप्रैल-दिसंबर 2025) तिमाही घाटे के बावजूद, वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती नौ महीनों के संयुक्त आंकड़े अभी भी मुनाफे में हैं, हालांकि इसमें भारी गिरावट आई है। उत्पादन के मोर्चे पर भी कंपनी सुस्त रही है।

दिसंबर 2025 में कोयला उत्पादन सालाना आधार पर 7.2 प्रतिशत गिरकर 3.3 मिलियन टन रह गया। कोल इंडिया की अन्य इकाइयों की तरह बीसीसीएल पर भी अधिकारियों के वेतन संशोधन के प्रावधानों का वित्तीय बोझ पड़ा है। बीसीसीएल की वित्त लागत लगभग तीन गुना बढ़कर 46.36 करोड़ हो गई है।
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