वित्त मंत्री चीमा ने आपातकालीन बैठक बुलाने का दिया निर्देश
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने 180 ईटीटी शिक्षकों के मुद्दों के समाधान के लिए वित्त और शिक्षा विभागों को आपातकालीन संयुक्त बैठक बुलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को प्राथमिकता से हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह निर्णय पंजाब सिविल सचिवालय में यूनियन प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद लिया गया। चीमा ने सभी पहलुओं, विशेषकर कानूनी और वित्तीय प्रभावों की जांच का आश्वासन दिया।
उन्होंने दोहराया कि भगवंत मान सरकार अपने कर्मचारियों की जायज मांगों को बिना किसी देरी के हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये निर्देश पंजाब सिविल सचिवालय में हुई एक विस्तृत बैठक के बाद जारी किए गए, जहां यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष पूरे विवरण के साथ पेश किया।
यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुनने के बाद वित्त मंत्री ने कहा, 180 ईटीटी शिक्षक एसोसिएशन द्वारा उठाए गए मुद्दे गंभीर हैं और समयबद्ध विचार के हकदार हैं। मैंने वित्त और शिक्षा विभागों को निर्देश दिया है कि वे एक आपातकालीन संयुक्त बैठक करें, ताकि सभी जायज मांगों को बिना किसी और देरी के निपटाया जा सके।
वित्त मंत्री ने कहा, आज की बैठक के दौरान शिक्षकों को उनके सामने आने वाली प्रशासनिक और पेशेवर बाधाओं के बारे में बताने का पूरा मौका दिया गया। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनकी मांगों के हर पहलू की बारीकी से जांच की जाए, जिसमें कानूनी और वित्तीय प्रभाव भी शामिल हैं, ताकि अंतिम फैसला कानूनी रूप से सही और वित्तीय रूप से व्यावहारिक हो।
प्रक्रिया को तेज करने के लिए वित्त मंत्री ने विशेष रूप से शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि वह तुरंत मामले से संबंधित सभी विवरण वित्त विभाग के साथ साझा करे। |
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