जागरण संवाददाता, कन्नौज। जेल में नववर्ष के जश्न के दौरान दो बंदियों के भागने के मामले में लापरवाही सामने आने पर तत्कालीन जेल अधीक्षक को निलंबित किया गया। अबतक इस मामले में आठ जेल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं जेल से फरार एक बंदी की तलाश में पुलिस टीमों की दबिश जारी है।
चार जनवरी को जिला कारागार में तत्कालीन जेल अधीक्षक भीमसैन मुकुंद की मौजूदगी में नववर्ष का जश्न चल रहा था। इस दौरान कंबलों की रस्सी बनाकर जेल की 22 फीट ऊंची दीवार फांद कर पाक्सो एक्ट में बंद ठठिया थाना के गांव मलगवां निवासी डिंपी उर्फ शिवा और आर्म्स एक्ट में जेल में बंद तालग्राम थाना के गांव हजरापुर निवासी अंकित फरार हो गए थे। जेल से बंदियों के भागने में लापरवाही मिलने पर जेलर विनय प्रताप, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, जेल वार्डर शिवेंद्र सिंह, अतुल मिश्रा, नवीन कुमार, हेड वार्डर जयपाल और बंदी रक्षक कपिल को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान के नाराजगी जताने पर जेल डीजी पीसी मीणा ने जेल अधीक्षक भीमसैन मुकुंद को जिला मुख्यालय लखनऊ से संबृद्ध कर दिया था। वहीं चल रही जांच में तत्कालीन जेल अधीक्षक भीमसैन मुकुंद की लापरवाही सामने आने पर शुक्रवार को जेल डीजी ने उन्हें निलंबित कर दिया है। जिला कारागार के जेलर अवनीश सिंह ने बताया कि विभाग से जानकारी मिली है कि तत्कालीन जेल अधीक्षक भीमसैन मुकुंद को निलंबित कर दिया गया है। वहीं एसपी विनोद कुमार ने बताया कि जेल से फरार हुए डिंपी उर्फ शिवा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। फरार चल रहे अंकित की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है। |