विद्यालय में अध्यापक एवं बच्चों से घटना की जानकारी लेते (दाएं) दारोगा रघुनाथ गौतम। जागरण
संवाद सूत्र, गोबरहीं। कसया के नटवलिया जूनियर हाईस्कूल परिसर में शुक्रवार की सुबह 9.30 बजे मास्कधारी तीन संदिग्धों ने घुसकर एक चार वर्ष के बच्चे को बांध कर पकड़ने का प्रयास किया। साथ के अन्य बच्चे शोर मचाए तो वह चहारदीवारी फांद कर भाग गए। पूरे गांव में घटना को लेकर अफरा-तफरी मच गई। बच्चा सामान्य परिवार का बताया जाता है।
स्वजनों ने किसी से दुश्मनी या वाद-विवाद होने से इंकार किया है। पुलिस घटना को स्कूल में लगे महंगे स्मार्ट टीवी प्रोजेक्टर की चोरी के प्रयास से जोड़ कर जांच पड़ताल कर रही है। विद्यालय परिसर में ही आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होता है।
तीन संदिग्धों ने की बच्चे को पकड़ने की कोशिश
सुबह 9.30 बजे आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले आधा दर्जन बच्चे विद्यालय में पहुंच गए थे। इसी दौरान मुंह पर मास्क लगाए तीन संदिग्ध अंदर घुसे और चार वर्षीय अर्पित नामक बच्चे का हाथ, पैर बांध दिया। साथ के बच्चे यह देखकर घबरा गए और शोर मचाए तो तीनों संदिग्ध फरार हो गए। बच्चों का शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई।
उन्होंने बच्चे का बंधन खोला। कुछ ही देर में यह बात गांव में फैली तो अफरा-तफरी मच गई। यह सब चल ही रहा था कि सुबह 10 बजे आंगनबाड़ी की सहायिका हेमंती देवी एवं सहायक अध्यापिका प्रिया सिंह विद्यालय में पहुंची।
उन्होंने घटना के समय मौजूद सुमित, परिधि, दीपिका, अंशिका आदि बच्चों से घटना की जानकारी प्राप्त कर पुलिस को सूचित किया। संदिग्धों द्वारा बांधा गया बच्चा सामान्य परिवार का है। उसके पिता धनेश गोंड ने किसी से भी दुश्मनी एवं वाद-विवाद से इंकार किया।
चोरी के एंगल से जांच कर रही पुलिस
बता दें कि जूनियर हाईस्कूल में बच्चों के पढ़ने के लिए चार लाख रुपये कीमत की बड़ी स्मार्ट टीवी एवं प्रोजेक्टर लगा है। पुलिस उसी के चोरी के प्रयास से घटना को जोड़ कर जांच कर रही है। हल्का दारोगा रघुनाथ गौतम ने बच्चों, आंगनबाड़ी सहायिका एवं शिक्षिका से घटना के बावत जानकारी प्राप्त की है।
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुधीर राव ने भी स्कूल में पहुंच कर सीसी कैमरा लगवाने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की। थानाध्यक्ष अभिनव मिश्र ने बताया कि घटना स्थल पर पुलिस टीम भेजी गई थी।
विद्यालय में मास्कधारी तीन संदिग्धों के घुसने और एक बच्चे को बांधने, डराने का मामला सामने आया है। विद्यालय में महंगा टीवी प्रोजेक्टर लगा है। संभव है कि संदिग्ध उसे चुराने के लिए ही विद्यालय में घुसे हों। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
शिक्षा मित्र से चाभी मांग कर समय पूर्व खुला था स्कूल
परिषदीय विद्यालय खुलने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है, लेकिन आधा घंटा पूर्व ही यानि 9.30 बजे विद्यालय खुल गया था। बताते हैं कि विद्यालय की चाभी शिक्षा मित्र अनिल प्रताप राव के पास रहती है।
स्कूल में पढ़ने वाले एक लड़के को चाभी देकर उन्होंने ही विद्यालय खोलवाया था। गांव के कुछ लोग घटना में विद्यालय के जिम्मेदारों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- आजमगढ़ में 27 साल पहले हुए शिया-सुन्नी दंगे में हुई हत्या में 12 आरोपित दोषी करार, 17 फरवरी को होगी अगली सुनवाई |
|