हुसैनाबाद नगर पंचायत चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी तेज। (जागरण)
जफर हुसैन, जपला (पलामू)। पलामू जिले का हुसैनाबाद नगर पंचायत झारखंड के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र का महत्वपूर्ण शहरी केंद्र माना जाता है।
कृषि आधारित इस इलाके में शिक्षा और स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाएं तो मौजूद हैं, लेकिन कई वर्षों से मूलभूत समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। ऐसे में नगर पंचायत चुनाव को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
इस बार नगर पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति (अन्य) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अध्यक्ष पद के लिए एक महिला सहित कुल सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
इनमें पूर्व अध्यक्ष ऊषा देवी, शशि कुमार, रामेश्वर राम, बसपा नेता अजय कुमार भारती, मुन्ना कुमार देव, वीरेंद्र राम और पवन कुमार चौधरी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
वार्ड 14 में निर्विरोध चुनाव
नगर पंचायत के वार्ड संख्या 14 से अजय कुमार पासवान का नामांकन रद होने के बाद सुनील कुमार चौधरी निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। वहीं शेष 15 वार्डों में पार्षद पद के लिए 23 फरवरी को मतदान होगा, जिसमें कुल 84 प्रत्याशी मैदान में हैं।
24 हजार से अधिक मतदाता करेंगे फैसला
नगर पंचायत क्षेत्र में कुल 24,243 मतदाता हैं। इनमें 12,287 पुरुष और 11,956 महिला मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए 29 स्थायी मतदान केंद्र और दो चलंत मतदान केंद्र बनाए गए हैं।निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एस मोहम्मद याकूब ने बताया कि प्रमुख सड़कों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है तथा अवैध शराब के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है।
नाला और जल निकासी सबसे बड़ी समस्या
स्थानीय मतदाताओं के अनुसार शहर में ड्रेनेज सिस्टम का अभाव सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है। बरसात के दिनों में बाजार और घरों में पानी घुस जाता है।
स्थानीय निवासी अकील अहमद समेत कई लोगों का कहना है कि नाला निर्माण का मुद्दा हर चुनाव में उठता है, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली जाती है।
अतिक्रमण और जाम से परेशान शहर
शहर के व्यवसायियों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण बाजार क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। बस और आटो स्टैंड बनने के बावजूद वाहन सड़कों पर ही खड़े रहते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्वास्थ्य व सफाई व्यवस्था भी सवालों में
मतदाताओं का आरोप है कि शहरी स्वास्थ्य केंद्र और वार्ड स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित रूप से चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते हैं। वहीं नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मुद्दों पर टिका है चुनावी परिणाम
नगर पंचायत चुनाव में इस बार मुकाबला केवल प्रत्याशियों के बीच ही नहीं बल्कि विकास के अधूरे वादों और स्थानीय समस्याओं के समाधान के वादों के बीच भी माना जा रहा है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता इस बार चेहरे के आधार पर मतदान करते हैं या फिर मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं। |