Samastipur Free Dialysis Center: प्रतिदिन 27 से 30 मरीजों का दो से तीन शिफ्ट में डायलिसिस किया जाता है। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Sadar Hospital Kidney Treatment: किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर का डायलिसिस सेंटर किसी वरदान से कम नहीं है। अब मरीजों को इलाज के लिए जिले से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही। अस्पताल में हर महीने करीब 800 बार डायलिसिस सत्र किए जा रहे हैं, जिससे 87 मरीज नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार डायलिसिस यूनिट में 10 बेड की व्यवस्था है। यहां प्रतिदिन 27 से 30 मरीजों का दो से तीन शिफ्ट में डायलिसिस किया जाता है। प्रशिक्षित तकनीशियनों और चिकित्सकों की देखरेख में आधुनिक मशीनों से उपचार किया जा रहा है। जिले के दूरदराज प्रखंडों से भी मरीज यहां पहुंच रहे हैं।
राशन कार्डधारियों को मुफ्त सुविधा
डायलिसिस सुविधा का लाभ राशन कार्डधारियों को पूरी तरह मुफ्त मिल रहा है। अस्पताल में इलाज करा रहे राजू कुमार गुप्ता और कार्तिक पांडेय ने बताया कि उन्हें सप्ताह में तीन बार निशुल्क डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। अन्य सामान्य मरीजों के लिए 1797 रुपये शुल्क निर्धारित है, जबकि निजी अस्पतालों में यही प्रक्रिया 3500 से 4000 रुपये तक में होती है।
एक मरीज पर 130 लीटर आरओ पानी की खपत
डायलिसिस सेंटर से जुड़ी एजेंसी के प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि एक मरीज के डायलिसिस सत्र में कम से कम 130 लीटर आरओ पानी की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
क्या है इलाज की प्रक्रिया
डायलिसिस के लिए पहले मरीजों को पंजीकरण कर नंबर लेना पड़ता है, क्योंकि बेड की संख्या सीमित है। जिन मरीजों की दोनों किडनी खराब हो चुकी है, उनके क्रिएटिनिन स्तर के आधार पर सप्ताह में दो या तीन बार डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में आवश्यक दवाएं भी निशुल्क दी जाती हैं और प्रशिक्षित स्टाफ मरीजों की देखभाल में तैनात रहता है।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से समस्तीपुर जिले के किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिली है। सरकारी स्तर पर उपलब्ध यह सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। |
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