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जागरण संवाददाता, उन्नाव। नौ साल के नाती के कत्ल का बदला लेने के लिए 19 महीने से मौके का इंतजार कर रहे नाना कल्लू को अखिरकार बुधवार को मौका मिल ही गया।
सुबह गांव में हत्यारोपित सूरज को गांव में देख उसने अपने दामाद सोहरामऊ के आशाखेड़ा में रहने वाले मोनू को गांव बुलाकर सूरज की हत्या की योजना तैयार की। बुधवार को बाजार के लिए निकले सूरज का पीछा किया।
गांव में चर्चा है कि शाम को अंधेरा हाेते ही उसे दबोच लिया और गला दबाकर हत्या के बाद शव को गांव से कुछ दूरी पर खेत के पास गड्ढे में फेंक दिया। गुरुवार सुबह गड्ढे में शव मिलने के बाद ग्रामीणों को 19 माह पूर्व हुई नौ साल के आशीष की हत्या की याद आ गई।
उसका शव भी पानी भरे गड्ढे में ही मिला था। हत्या किसने व क्यों की ग्रामीणों को यह सोचने में तनिक भी समय नहीं लगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए आरोपित कल्लू, अरविंद व मोनू ने गला दबाकर हत्या की बात स्वीकार कर ली है।
हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में पुलिस ने राजफाश नहीं किया। सूरज की हत्या के बाद राधा नगरी गांव में मातम पसरा रहा। हर कोई इस घटना की निंदा करता रहा।
ग्रामीणों के अनुसार सूरज के जेल जाने के बाद भी नामजद आरोपित बदले की आग जल रहे थे। कई बार गांव में यह कह भी चुके थे कि खून का बदला खून से ही लिया जाएगा। जैसा उन्होंने कहा करके भी दिखा दिया। गांव में हर कोई पुलिस के राजफाश पर टकटकी लगाए है। |
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