जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। शरारतीतत्वों ने रात में चिलसरा मार्ग स्थित मौला अली की नजफ ए अशरफ ( एक परिसर है जिसे शिया मुस्लिमों का पवित्र स्थान कहा जाता है) में घुसकर कुछ ताजियों में आग लगा दी।
इससे अन्य सामान भी जल गया। दो कब्रें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। सुबह पता चलने पर मौके पर भीड़ लग गई। खंडहर की छत में पड़ी धन्नियों में सुलग रही आग को दमकल कर्मियों ने पानी डालकर बुझाया।
पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किया। आरोपितों का पता लगाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
मऊदरवाजा क्षेत्र में चिलचरा मार्ग स्थित करबला के पास में मौला अली की नजफ ए अशरफ है। इसकी देखरेख शिया समुदाय के लोग करते हैं। मुहल्ला गढ़ी अब्दुल मजीद खां निवासी साबिर अली दिन में वहां रहते हैं। साबिर अली बुधवार शाम वहां ताला लगाकर घर चले गए थे।
गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे साबिर अली वहां पहुंचे तो नजफ ए अशरफ के अंदर रखे कुछ अलम व अन्य सामान जला हुआ था, आग व धुआं की वजह से अंदर की छत काली पड़ गई। उसके पीछे खंडहर में रखे कुछ ताजिए भी जला दिए गए थे। जिससे छत की धन्नियों में आग सुलग रही थी।
परिसर में ही स्थित हाजी जी व हाफिज जी की कब्रें क्षतिग्रस्त थीं। जानकारी पर मुहल्ला रकाबगंज निवासी मुतवल्ली साबिर हुसैन रिजवी, मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली आदि भी आ गए।
इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। दोपहर को पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय, तहसीलदार सनी कनौजिया, सीओ अमृतपुर संजय वर्मा, सीओ मोहम्मदाबाद अजय वर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
दमकल कर्मियों ने पानी डालकर छत की धन्नियों में सुलग रही आग को शांत किया। फारेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधीक्षक ने नजफ के अंदरूनी भाग की पुताई करवाने का निर्देश दिया। मुतवल्ली की ओर से तहरीर दी गई।
मुतवल्ली ने बताया कि छह माह पहले भी नजफ में गोलक आदि क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। सीसी कैमरे भी तोड़े गए थे। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि शरारतीतत्वों ने घटना को अंजाम दिया है।
घटनास्थल के आसपास सीसी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपितों का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी। मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। |