सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। पिछले एक माह से भैंस चोरी की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई थी। एक से डेढ़ लाख रुपये की भैंस चोरी होने से किसान तो परेशान थे ही, पुलिस भी नहीं समझ पा रही थी कि ये कर कौन रहा है?
पुलिस ने चोरों की तलाश की तो सीसीटीवी कैमरों से अहम सुराग लगा। नवीन दा गड्डी लिखी मैक्स गाड़ी का पता चला, जो फेयर एक्सपोर्ट पीवीसी कंपनी लिमिटेड की ओर जाती थी। भैंस चोरी होने पर खैर पुलिस ने मैक्स गाड़ी का पीछा किया तो गाड़ी फैक्ट्री में जाकर रुकी।
पुलिस ने गार्ड और प्रबंधन से जुड़े 10 लोगों को हिरासत में लिया। मैक्स गाड़ी चालक भागने में सफल रहा। फैक्ट्री से आगरा के एत्मादपुर से चोरी की गईं दो भैंस के साथ चोरी की मैक्स गाड़ी बरामद कर ली।
खैर क्षेत्र से बुधवार रात दो भैंसें चोरी हो गई थीं। सूचना मिलने पर पशु स्वामी और ग्रामीण चोरों की तलाश में जुटे थे, तभी पुलिस को जानकारी मिली कि मैक्स वाहन में दो भैंसें मीट फैक्ट्री की ओर ले जाई जा रही हैं।
खैर पुलिस व पशु स्वामी थार गाड़ी से पीछा करते फैक्ट्री तक पहुंच गए। फैक्ट्री के गार्ड ने मैक्स को अंदर घुसते ही मुख्य गेट बंद कर दिया। पीछा कर रहे लोगों को अंदर नहीं जाने दिया गया। तभी खैर और रोरावर पुलिस पहुंच गई।
पुलिस को देखते ही चालक वाहन को छोड़कर दूसरे गेट से फरार हो गया। पुलिस ने मैक्स वाहन, चोरी की दो भैंस को कब्जे में ले लिया। फैक्ट्री के तीन गार्ड, मैनेजर सहित 10 लोगों को हिरासत में लिया।
पकड़े गए आरोपितों में कासगंज का आदिल, बबलू, गौंडा का गौरव, चितरंजन, जम्मू-कश्मीर का विशारत हुसैन, यासीन, क्वार्सी का अलीम, मैरिस रोड का तवरेज, इलाहाबाद का सारिक, तमिलनाडु का रवी कुमार शामिल हैं।
पूछताछ में पता चला कि 31 जनवरी से 12 फरवरी के बीच आरोपित चोरी किए 23 पशुओं का फैक्ट्री में कटान करा चुके हैं।
एक माह से भैंस चोरी की घटनाओं में वृद्धि हुई थी। खैर, रोरावर, इगलास, लोधा सहित अन्य थानों से भैंस चोरी की घटनाएं हुई थीं। कई दिनों से टीम लगी थी। आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नीरज जादौन, एसएसपी |