विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दुष्कर्म कर जबरन शादी करने के मामले में आरोपित विवाहित सगे फूफा की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है।
कोर्ट ने कहा, डेढ़ महीने तक बालिग पीड़िता का शादीशुदा चार बच्चों के पिता, सगे फूफा संग रहना और बचकर भाग आने के 15 दिन बाद एफआइआर दर्ज करना, पीड़िता के बयान व कोई आपराधिक इतिहास न होने की स्थिति को देखते हुए याची जमानत पाने का हकदार है। मामला थाना राहरा, अमरोहा में दर्ज है।
यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने आरोपित के अधिवक्ता मयंक कृष्ण चंदेल को सुन कर दिया है। उनका कहना था कि पीड़िता, याची से प्रेम करती थी, सहमति से संबंध बनाए। शादीशुदा होने के बावजूद आरोपित से शादी की और मनगढ़ंत कहानी रच प्राथमिकी लिखाई।
इसके पहले पीड़िता के पिता ने गुमशुदगी की नौ दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जबकि पता था पीड़िता याची के साथ है। पीड़िता ने भी बचकर भागने के 15 दिन बाद एफआइआर दर्ज कराई है लेकिन देरी का कारण नहीं बताया है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
याची 26 सितंबर 2025 से जेल में बंद है। सरकारी वकील ने आरोप गंभीर बताया। कहा, चार बच्चों का पिता सगे फूफा ने 21 वर्षीय बालिग पीड़िता से अवैध संबंध बनाए जबरन शादी की, लेकिन कोर्ट ने पीड़िता के बयान व एफआइआर के कथन की अविश्वसनीय स्थिति को देखते हुए सशर्त जमानत दे दी है। |