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गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी।
राज्य ब्यूरो, देहरादून। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने गुरुवार को बताया कि राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र से जुड़े बहुप्रतीक्षित लालढांग-चिल्लरखाल रोड प्रोजेक्ट को लेकर उच्चतम न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। इस मार्ग के बनने से कोटद्वार की दूरी 22 किलोमीटर कम हो जाएगी और उत्तराखंड के निवासियों को अपने ही राज्य में आने के लिए उत्तर प्रदेश हाेते हुए नहीं जाना पड़ेगा।
बलूनी ने गुरुवार को बयान जारी कर बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके इंटरवेंशन एप्लीकेशन को स्वीकार करते हुए वर्ष 2023 से लागू स्टे आर्डर को हटाने का निर्णय दिया है।
इस फैसले से कोटद्वार सहित आसपास के क्षेत्रों की जनता में खुशी की लहर है और लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
सांसद बलूनी ने कहा कि सड़क बनने से क्षेत्रीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी, साथ ही पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। कोटद्वार एवं आसपास की दूरी घटने से लोग को समय और धन दोनों की बचत होगी।
उन्होंने इसे जनता की जीत बताते हुए सभी क्षेत्रवासियों को बधाई दी और कहा कि सरकार क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने उच्चतम न्यायालय में गढ़वाल की जनता का पक्ष मजबूती से रखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज का भी विशेष आभार जताया।
बलूनी ने विश्वास जताया कि अब सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग से मिलेगा 18 गांवों को लाभ : ऋतु खंडूड़ी भूषण
देहरादून। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि वर्षों से लालढांग-चिल्लरखाल रोड का मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन था, गुरुवार को महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय पारित हुआ है।
सर्वोच्च न्यायालय की ओर से इस सड़क के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण की अनुमति प्रदान किए जाने के साथ ही क्षेत्र के विकास का मार्ग पूर्ण रूप से प्रशस्त हो गया है।
लगभग 11.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क में से 4.7 किलोमीटर का हिस्सा सेंट्रल फारेस्ट एरिया से होकर गुजरता है, जिसके कारण निर्माण कार्य लंबे समय से लंबित था।
न्यायालय के इस सकारात्मक आदेश के बाद अब लगभग 18 गांवों और 40,000 से अधिक की आबादी को आल वेदर रोड कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। यह निर्णय क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक प्रगति के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। |
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