त्रिवटीनाथ मंदिर
जागरण संवाददाता, बरेली। धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास के लिए शहर के सात नाथ मंदिरों को आपस में जोड़कर विकसित किए जा रहे कि नाथ कारिडोर के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है। तीन मंदिरों को दिए गए 14.91 करोड़ रुपये से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ेगी। पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। नाथ कारिडोर के लिए 231 करोड़ से अधिक की परियोजना स्वीकृत है।
मंदिरों में पर्यटन विकास के कार्य भी आरंभ हो चुके हैं। योगी सरकार के बजट में नाथ कारिडोर के लिए विशेष बजट का प्रावधान किए जाने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कारिडोर को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितने गंभीर हैं। विशेष बजट में तपेश्वरनाथ मंदिर के लिए छह करोड़, त्रिवटी नाथ मंदिर के लिए 4.72 करोड़ और वनखंडी नाथ मंदिर के लिए 4.19 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
इन मंदिरों में स्वीकृत परियोजनाओं के तहत मंदिरों में बेहतर सुविधाएं शेड, बैठने के लिए धौलपुर पत्थर की बेंच, पेयजल, और प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। कारिडोर के विकास से होटल उद्योग और स्थानीय व्यवसायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिलेगा।
नाथ मंदिरों में चल रही पर्यटन विकास कार्यों की बात करें तो अलखनाथ मंदिर के लिए 11.67 करोड़ की परियोजना स्वीकृत हुई है, जिसमें से 5.50 करोड़ रुपये आवंटित हो चुके हैं। नींव से ऊपर पिलर डाले चुके हैं। 25 प्रतिशत काम हो चुका है। तुलसी मठ में 9.71 करोड़ की परियोजना स्वीकृत है। जिसमें से तीन करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं।
यहां मल्टीपरपज हाल, वैदिक लाइब्रेरी और धर्मशाला का ढांचा तैयार किया जा रहा है। अब तक 25 प्रतिशत काम हुआ है। मुख्य द्वार, प्रसाद एंड फ्लोरिस्ट शाप, क्लाक रूम, यात्री शेड निर्माण का काम अभी शुरू नहीं हो सका है। त्रिवटीनाथ मंदिर के लिए 6.55 करोड़ की परियोजना मंजूर हुई है, जिनमें से 3.25 करोड़ का आवंटन मिल चुका है।
अब 4.72 करोड़ का विशेष बजट मिला है। प्रसाद एंड फ्लोरिस्ट शाप, टायलेट ब्लाक का काम 20 प्रतिशत हुआ है। सत्संग हाल काम अभी शुरू नहीं हुआ है। तपेश्वरनाथ मंदिर मंदिर के लिए 8.36 करोड़ की स्वीकृत परियोजना में से तीन करोड़ रुपये मिल चुके हैं। मल्टीपरपज हाल, प्रसाद एंड फ्लोरिस्ट शाप बनाने का काम 20 प्रतिशत हो सका है। अब छह करोड़ का विशेष बजट मिला है।
वनखंडीनाथ मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 5.82 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर कर शासन ने मार्च में ही दो करोड़ रुपये का आवंटन पहले मिल चुका है, अब 4.19 करोड़ का विशेष बजट मिला है। धोपेश्वरनाथ मंदिर वैदिक लाइब्रेरी बनाने का काम शुरू हो चुका है, प्रगति 20 प्रतिशत हुई है। मुख्य द्वार, प्रसाद एंड फ्लोरिस्ट शाप, टायलेट ब्लाक का काम अभी शुरू नहीं हो सका है।
मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 7.71 करोड़ स्वीकृत हुआ है और दो करोड़ रुपये का आवंटन भी मिल चुका है। पशुपतिनाथ मंदिर में मुख्य द्वार, नंदी स्थल शेड, फोकस वाल का काम 20 प्रतिशत तक हो चुका है। इस मंदिर के लिए 2.98 करोड़ की परियोजना मंजूर है, जिसमें से 1.80 करोड़ का बजट जारी हो चुका है।
उप निदेशक पर्यटन रवींद्र कुमार का कहना है कि नाथ कारिडोर मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तेजी से काम चल रहा है, विशेष बजट से कार्य की गति तेज हो जाएगी।
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