मनरेगा कर्मियों को 5 महीने से नहीं मिला मानदेय
जागरण संवाददाता, गोड्डा। जिले के मनरेगा कर्मचारियों को पांच महीने से पगार नहीं मिली है। सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, रोजगार सेवक, लेखा सहायक, कंप्यूटर सहायक, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी आदि पदों पर यहां करीब 270 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। मनरेगा कर्मचारी संघ ने सरकार से वेतन देने की गुहार लगाई है।
बीते अक्टूबर माह से मनरेगा कर्मियों का मानदेय बंद है । गत वर्ष सितंबर तक मानदेय मिला था। उक्त राशि नवंबर महीने में कर्मियों के खाते में क्रेडिट हुई थी। वर्तमान में मानदेय कब आएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
मजदूरों का ई केवाईसी का काम जारी
झारखंड सरकार कह रही है कि मनरेगा अच्छी योजना है। वहीं भारत सरकार कह रही है कि जी राम जी अच्छा है लेकिन कर्मियों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। वर्तमान में अभी मनरेगा मजदूरों का ई केवाईसी का काम चल रहा है, पदाधिकारी टारगेट पर रिव्यू कर रहे हैं लेकिन सैलरी पर कोई भी बात नहीं करते हैं।
मनरेगा कर्मियों ने कम वेतन में अधिक काम कराए जाने और बीते पांच महीने से वेतन नहीं दिए जाने को लेकर काफी आक्रोश है।
समय पर वेतन नहीं मिल पाता
मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने कहा कि अल्प वेतन में मनरेगा कर्मियों से मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों के अलावा शासन के कई अन्य कार्य भी लिए जा रहे हैं। इसके बाद भी समय पर वेतन नहीं मिल पाता है। मेहनत के बाद भी अपने हक का वेतन न मिलने से वे मानसिक रूप से पीड़ित हो रहे हैं।
मनरेगा कर्मियों की सेवा, सामाजिक सुरक्षा एवं वेतन भुगतान संबंधी नीति राज्य लागू है। बावजूद इसके केन्द्र सरकार से राशि प्राप्त नहीं होने पर राज्य सरकार वेतन भुगतान में अपने हाथ खड़े कर देती है।
कर्मचारी मानसिक रूप से पीड़ित एवं सरकार के प्रति आक्रोशित हैं। साथ ही सरकार इनके सुरक्षित भविष्य के लिए कोई मानव संसाधन नीति लागू नहीं कर पाई है, जिसके लिए ये कर्मचारी लंबे समय से संघर्षरत हैं। मनरेगा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया भी काफी दिनों से लंबित है।
मनरेगा मजदूरों को नहीं मिल रही मजदूरी
जिले के बोआरीजोर प्रखंड की कुसुमघाटी पंचायत के दर्जनों जाबकार्ड धारी मजदूरों को बीते कई माह से किए गए कार्य के लिए मजदूरी भुगतान नहीं किया गया है। लंबे समय से मजदूरी का भुगतान नहीं होने के चलते मनरेगा मजदूर इन दिनों भुखमरी के कगार पर आ खड़े हो गये हैं।
गौरतलब हो कि ग्राम स्तर पर लोगों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से मनरेगा योजना चलती है। बीते एक साल से आवंटन का रोना रोया जा रहा है।
परिवार का भरण पोषण नहीं कर पाएंगे
मजदूरी भुगतान के अभाव में ज्यादा दिनों तक यहां के मजदूर अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर पाएंगे और फिर उनका पलायन शुरू हो जाएगा। क्षेत्र के मनरेगा मजदूरों ने अविलंब मजदूरी भुगतान की मांग की है। अन्यथा सडक पर उतर कर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
मनरेगा कर्मियों के मानदेय भुगतान का मामला राज्य स्तर पर लंबित है। आवंटन नहीं रहने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। वहीं मनरेगा के जॉब कार्ड धारी मजदूरों का बकाया मजदूरी भुगतान के लिए आवंटन आ गया है। अब ऑनलाइन प्रक्रिया से सभी लंबित योजनाओं में भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - मिथिलेश कुमार सिंह, बीडीओ, बोआरीजोर। |
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