कैप्शन: गांव हंसावास कलां के 500 साल पुराने श्री श्याम बरनाला मंदिर (जागरण)
संवाद सहयोगी, बाढड़ा। गांव हंसावास कलां के श्री श्याम बरनाला मंदिर का जल्द ही जीर्णाेद्धार होगा। करीब पांच सौ साल पहले से श्रद्धा का मुख्य केंद्र बने इस मंदिर की पहचान ठाकुर दास के नाम से होती है। मंदिर के पास खुद की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि है। मंदिर कमेटी के साथ आयोजित बैठक में क्षेत्र के सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने लाखों रुपयों की धनराशि दान देने की घोषणा से श्रद्धालुओं में खुशी की लहर है।
1605 ईसवी से पूर्व से स्थापित गांव हंसावास में पहले से यहां पर साधु संतों द्वारा श्री श्याम को ठाकुर जी के नाम से पूजा जाता था और अकाल के समय यहां पर नियमित अनाज व अन्य खाद्य सामग्री का वितरण होता था। उसके बाद गांव के लोगों की श्रद्धा बढ़ती गई।
पहले इस मंदिर के पास छह सौ बीघा जमीन थी। लेकिन आजादी के बाद मंदिर कमेटी ने अलग अलग पंचायतों के नामकरण कर दिया और मंदिर के पास गायों की गोशाला के लिए कुछ भूमि अपने पास रखी जहां मंदिर कमेटी द्वारा धार्मिक कार्य के साथ साथ गोशाला का संचालन किया जाता है।
मंदिर कार्यसमिति के अध्यक्ष जगदीश हंसावास की अध्यक्षता में अशोक कुमार, लखीराम, कुलदीप सिंह, गजेसिंह, राजेश कुमार इत्यादि मौजिज ग्रामीणों व नांधा, लाड, हंसावास कलां, हंसावास खुर्द, भांडवा, आर्यनगर, गोविंदपुरा, किष्किंधा, चांदवास, धनासरी से पंचायत प्रतिनिधि व मौजिज ग्रामीण मंदिर के पुराने भवन की जगह नये भवन निर्माण में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र की श्रद्धा का मंदिर है।
दान दाताओं की लगी कतार
मंदिर परिसर में पिछले माह बीएसएफ के सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर महेंद्र श्योराण की अध्यक्षता में आयोजित निर्माण समिति बैठक में समस्त ग्रामीणों ने स्वेच्छा से एकत्रित 22 लाख की राशि देने का काम किया। हरियाणा स्टोन क्रशर एसोसिएशन अध्यक्ष सोमबीर सिंह घसौला ने 550 टन दस ट्रक रोड़ी क्रशर सामग्री, सामाजिक कार्यकर्ता गुणपाल जेवली ने पांच लाख की राशि से सरिया व अन्य सामग्री, दी केंद्रीय सहकारी बैंक चेयरमैन सुधीर चांदवास ने पांच सौ बैग सीमेंट, श्रम आयुक्त चंद्रपाल श्योराण ने बीस हजार ईंट, प्रज्ञा स्कूल संस्था चेयरमैन कृष्ण जेवली ने 71 हजार, मनोज जेवली ने 51 हजार, पवन सोनी चांदवास ने 51 हजार, संदीप ठेकेदार घसौला ने 51 हजार की राशि दान दी। |