किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
जागरण संवाददाता, लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल छात्राओं के यौन शोषण और छेड़छाड़ के प्रकरण बढ़ते ही जा रहे हैं। भले ही यह संस्थान अपनी चिकित्सा पद्धति को लेकर विश्व में अपना परचम लहरा रहा है, लेकिन यहीं पर तैनात चिकित्सक इसको बदनाम भी कर रहे हैं।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में पैथालाजी विभाग की महिला रेजिडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास के आरोपित डॉक्टर रमीजुद्दीन इन दिनों जेल में है। अब ताजा प्रकरण बाल रोग विभाग का है। यहां के एडिशनल प्रोफेसर को मेडिकल छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में निलंबित किया गया है।
जूनियर डॉक्टर ने एडिशनल प्रोफेसर पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था। पीड़िता की रिपोर्ट पर चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तुरंत कदम उठाया। इसके लिए 11 फरवरी को मामला देखने के लिए विशाखा कमेटी गठित की गई और कमेटी ने प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए।
कुलपति डॉ सोनिया नित्यानंद के आदेश पर विशाखा कमेटी ने पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ ही एडिशनल प्रोफेसर से भी पूछताछ की। कमेटी को शुरुआती जांच में पीड़िता के आरोप सही मिले। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने आरोपित एडिशन प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में उन्हें डीन मेडिसिन कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
केजीएमयू के प्रवक्ता, डॉ. केके सिंह ने इस प्रकरण के बारे में बताया कि पीड़िता की शिकायत के बाद केजीएमयू प्रशासन ने तुरंत जांच कमेटी गठित की। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर किसी के साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप गंभीर प्रकरण है। कमेटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर आरोपित एडिशनल प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है।
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इसके साथ ही पूरे मामले की सच्चाई का पता लगाया रहा है। विस्तृत जांच के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता के साथ ही एडिशनल प्रोफेसर के आगे के कदम पर भी प्रशासन की निगरानी है। चिकित्सा विश्वविद्यालय में डॉक्टर और स्टाफ की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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मोबाइल पर संदेश भी भेजा
बाल रोग विभाग की रेजिडेंट डॉक्टर ने एडिशनल प्रोफेसर पर अभद्रता का आरोप लगाया है। महिला रेजिडेंट ने एडिशनल प्रोफेसर पर पर मोबाइल पर लगातार संदेश भेजने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने परिवारीजनों के साथ केजीएमयू प्रशासन से शिकायत थी। केजीएमयू प्रशासन ने सात सदस्यीय विशाखा कमेटी को मामले की जांच का आदेश दिया था। |
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