राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग। सोशल मीडिया
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम में डीएलएफ फेस-3 थाना क्षेत्र के नाथूपुर स्थित एक पीजी में बीते सप्ताह 18 घंटे तक बंधक बनाकर रखे गए 11 से 14 वर्ष के पांच बच्चों से हैवानियत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है।
आयोग ने बुधवार को गुरुग्राम पुलिस को नोटिस भेजकर पूरे मामले में दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। इस केस में गुरुग्राम पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं।
डीएलएफ फेस-3 थाने में एक महिला ने चार फरवरी को इस मामले में केस दर्ज कराया था। बताया था कि नाथूपुर यू-ब्लाक में निर्माणाधीन बिल्डिंग से सरिया चोरी के शक में कुछ लोगों ने उसके बच्चे समेत पांच बच्चों को पकड़कर बंधक बनाया।
गर्म चम्मच लगाकर दी गईं यातनाएं
आरोपियों ने पास में ही एक पीजी में सभी बच्चों से न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उनके कपड़े उतारकर उनके गुप्तांग में पेट्रोल भी डाला। गर्म चम्मच लगाकर यातनाएं दी गईं थी।
महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि जब वह अपने बेटे को खोजते हुए आरोपियों तक पहुंची तो उससे भी गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। काफी मिन्नतों के बाद बच्चों को छोड़ा गया था। आरोपी शराब के नशे में थे।
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महिला ने शिकायत में हरेंद्र लोहिया, फिरोज खान, मोहम्मद जिमाउल, दीपक, प्रदीप और सचिन पर आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए डीएलएफ फेस-3 थाना पुलिस ने नाथूपुर क्षेत्र से दो आरोपियों हरेंद्र और फिरोज खान को पकड़ा था। अब इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। |
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