केंद्र सरकार ने आम बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए दवाओं और इलाज से जुड़ी कई अहम घोषणाएं कर गरीब मरीजों में उम्मीद की किरण जगाई है। हर वर्ग के लोगों को सस्ती दवाएं और ट्रामा सेंटर की सुविधाएं अपने जिले में देने की घोषणा से बीमार मरीजों में स्वास्थ्य जीवन जीने की आस तेज हुई है। मुजफ्फरनगर में भी ग्रामीण क्षेत्रों तक इसका लाभ मिलने से सरकार के प्रति लोगों को विश्वास बढ़ा है। बजट में 17 दवाओं और औषधियों पर मूलभूत सीमा शुल्क में छूट देने का प्रावधान एक बड़ी घोषणा है। मुजफ्फरनगर में दवाओं की कीमतें घटने से दवा व्यापार को बल भी मिलेगा और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सस्ता इलाज मिल सकेगा।

30 लाख से अधिक आबादी वाला जिला मुजफ्फरनगर में गंभीर बीमारियों के मरीजों की संख्या कम नहीं है। प्रतिदिन जिला अस्पताल व जनपद के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच हजार से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा गंभीर बीमारी कैंसर, किडनी, हृदय रोग और दुर्लभ बीमारियों के मरीजों को अन्य बड़े शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ता है। दवा कारोबारी के मुताबिक प्राइवेट मेडिकल में प्रतिदिन 10 लाख से अधिक की दवा खरीद होती है, जिसका बोझ हर वर्ग पर पड़ता है। रविवार को पेश हुए बजट में सरकार ने 7 अतिरिक्त असाध्य रोगों के लिए उपयोग में लाई जाने वाली दवाओं और औषधियों के व्यक्तिगत आयात को पूरी तरह कर मुक्त करने की घोषणा की है। इससे मुजफ्फरनगर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उन मरीजों को राहत मिलेगी, जिन्हें इलाज के लिए महंगी विदेशी दवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। अब इन दवाओं पर लगने वाला भारी कर नहीं देना होगा, जिससे इलाज की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। ---- जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर बनाने के प्रयास को मिला बल बजट की एक और महत्वपूर्ण घोषणा के तहत देश के हर जिले में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के लिए धन आवंटित किया गया है। मुजफ्फरनगर जैसे व्यस्त और औद्योगिक जिले के लिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है, जहां सड़क दुर्घटनाओं और औद्योगिक हादसों की संख्या अधिक रहती है। ट्रॉमा सेंटर बनने से गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय पर विशेषज्ञ इलाज मिल सकेगा और जान बचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। हालांकि मुजफ्फरनगर के खतौली में पहले से एक ट्रामा सेंटर है, लेकिन जिला अस्पताल पर भी ट्रामा सेंटर बनाने की तैयारी को बजट घोषणा ने बल दिया है। तेवतिया का कहना है कि जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर बनाने पहले से प्रस्ताव है, लेकिन उपर से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। उम्मीद है कि जल्द ही इसके लिए बजट भी जारी हो जाए। खतौली में हमारे जिले में ट्रामा सेंटर संचालित हो रहा है। डा.सुनील तेवतिया ,सीएमओ मुजफ्फरनगर
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