.
दिनेश सभ्रवाल के पिता प्रेम सभ्रवाल ईटीएओ से रिटायर्ड हैं और पांच भाई हैं। सबसे बड़े सीताराम, दूसरे नंबर के लक्खी, तीसरे नंबर के गोपी, चौथे नंबर के प्रेम व पांचवें नंबर के श्रीचंद है। सीताराम की पत्नी रामदेई ने बताया कि सीताराम का परिवार गांव में ही रहता है। वहीं लक्खी को दो बेटी व एक बेटा हुए, बेटे की एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है।

वहीं गोपी को दो बेटे हैं, जो हिसार में रहते हैं। प्रेम को दो बेटे दिनेश सभ्रवाल व विकास हैं। प्रेम परिवार के साथ गुरुग्राम में रहता है। प्रेमसिंह ईटीओ व उनकी पत्नी कमला टीचर से रिटायर्ड हैं। वहीं दिनेश एयरफोर्स में हैं और विक्की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। सबसे छोटे श्रीचंद को 1 बेटा व 4 बेटी हैं। उनका बेटा दीपक एचसीएस अधिकारी हैं और चंडीगढ़ में रहते हैं।
परिवार के साथ आती रहती हैं गांव परिवार वालों ने बताया कि व्योमिका सिंह व दिनेश सभ्रवाल को एक बेटी है। वहीं जब भी गांव में कोई बड़ा कार्यक्रम होता है तो व्योमिका सिंह व उसका परिवार आता है। व्योमिका सिंह को ड्यूटी के चलते समय कम मिलता है। इसलिए उसके सास-ससुर यहां आते रहते हैं।
उन्होंने बताया कि दीपक की शादी में भी व्योमिका सिंह परिवार के साथ गांव आई थी। उस दौरान मिलकर काफी बातचीत की थी। लेकिन ड्यूटी के चलते वे लंबे समय यहां नहीं रुक पाई।
खुशी का माहौल रिश्ते में भतीजा लगने वाले गांव बापोड़ा निवासी अंकित ने बताया कि उसकी चाची की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं जब उसके दादा प्रेम व दादी कमला से बातचीत की तो उन्होंने भी कहा था कि उन्हें अपनी पुत्रवधु पर गर्व है, जो यहां तक पहुंची है। गांव से उनका नाता है और आती रही है। उनके परिवार में अधिकतर लोग अच्छी नौकरी पर हैं।
|