हेमराज सिंह चौहान-
इंडिया डेली India Daily Live डिजिटल से साथियों का जाना थम नहीं रहा है. अब ज्ञानेंद्र शर्मा ने इस्तीफ़ा दे दिया. घुमक्कड़ी कम लोगों के खून में होती है लेकिन इसके रगो में है. मीडिया में रहते हुए अगर आप डेस्क में जॉब कर रहे हैं तो अब ऐसे हालात नहीं कि अब ज़्यादा घूम सकेंगे. छुट्टियों की समस्या आपके साथ हमेशा रहेगी.
ऐसे में तुमने मीडिया को अलविदा कहने का जो फैसला लिया है उसका सबसे बड़ा फायदा होगा कि अब जमकर घूम सकोगे. उम्मीद है कि साथ में कई यात्राएं होंगी. मीडिया में काम करने वालों के लिए स्कोप लगातार खत्म हो रहे हैं.


गिनती के कुछ लोग हैं जो अपने मन का काम कर पा रहे हैं वरना रिमोट किसी और के पास है जो सर्वशक्तिमान की तरह सबको हाँक रहा है. तुमने खुद को काफी एक्सप्लोर किया है. लिखना पढ़ना कुछ और रहकर भी किया जा सकता है. सोशल मीडिया के जमाने में आप किसी संस्थान के मोहताज नहीं हैं. ये रोज़ी रोटी का सिर्फ़ एक ज़रिया है जिन लोगों के पास विकल्प हैं उन्हें उस और शिफ़्ट करना चाहिए जैसे तुम कर रहे हो.
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