PM Modi interacts with Energy Sector CEOs: 27 जनवरी से गोवा में इंडिया एनर्जी वीक 2026 (India Energy Week 2026) का आयोजन किया गया है. 30 जनवरी तक चलने वाले इस प्रोग्राम के दूसरे दिन यानी बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. इस दौरान उन्होंने एनर्जी सेक्टर के CEOs के साथ चर्चा की. पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी शेयर करते हुए कहा, "आज शाम ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष सीईओ के साथ बातचीत हुई. ग्लोबल एनर्जी सेक्टर में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. यह एक ऐसा क्षेत्र भी है जहां भारत निवेश, विकास और इनोवेशन के अपार अवसर प्रदान करता है. ऊर्जा क्षेत्र के सीईओ ने इस क्षेत्र पर बहुमूल्य जानकारी साझा की और भारत की विकास गति पर विश्वास व्यक्त किया." वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने पीएम मोदी के इस कार्यक्रम और बातचीत पर खास जानकारी दी है.
CEOs ने भारत की विकास गति पर विश्वास व्यक्त किया
पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास से इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2026 (गोवा में) के अंतर्गत वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के CEOs के साथ बातचीत की. इस दौरान, सीईओ ने भारत की विकास गति पर दृढ़ विश्वास व्यक्त किया. उन्होंने नीतिगत स्थिरता, सुधारों की गति और दीर्घकालिक मांग की स्पष्टता का हवाला देते हुए भारत में अपने व्यापारिक उपस्थिति का विस्तार और सुदृढ़ीकरण करने में गहरी रुचि दिखाई.
वहीं, CEOs का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये गोलमेज सम्मेलन उद्योग और सरकार के बीच समन्वय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरे हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं से मिलने वाली प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया नीतिगत ढांचों को परिष्कृत करने, क्षेत्रीय चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान करने और भारत को एक आकर्षक निवेश वाली जगह के रूप में मजबूत बनाने में सहायक होती है.
ग्लोबल एनर्जी डिमांड में निर्णायक भूमिका निभाएगा भारत- पीएम मोदी
भारत की मजबूत आर्थिक गति को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ग्लोबल एनर्जी डिमांड- सप्लाई बैलेंस (global energy demand-supply balance) में निर्णायक भूमिका निभाएगा. पीएम ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के महत्वपूर्ण अवसरों की ओर ध्यान दिलाया. उन्होंने सरकार द्वारा शुरू किए गए निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का हवाला देते हुए अन्वेषण और उत्पादन (exploration and production) में लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की संभावना पर प्रकाश डाला. उन्होंने Compressed Bio-Gas (CBG) में 30 अरब अमेरिकी डॉलर के अवसर को भी रेखांकित किया. इसके अतिरिक्त, उन्होंने गैस-आधारित अर्थव्यवस्था, रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल एकीकरण और समुद्री एवं जहाज निर्माण सहित व्यापक ऊर्जा मूल्य श्रृंखला (broader energy value chain) में बड़े पैमाने पर अवसरों की रूपरेखा प्रस्तुत की.
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य अनिश्चितताओं से भरा होने के साथ-साथ अपार अवसर भी प्रस्तुत करता है. उन्होंने इनोवेशन, सहयोग और गहन साझेदारी का आह्वान करते हुए दोहराया कि भारत संपूर्ण ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में एक विश्वसनीय और भरोसेमंद भागीदार के रूप में तत्पर है.
यह भी पढ़ें- India Energy Week 2026: ग्लोबल एनर्जी डिमांड में कैसे भारत बनेगा बड़ा प्लेयर? PM के सिपहसालार ने समझाया पूरा ब्लूप्रिंट
प्रोग्राम में 27 कंपनियों के सीईओ

मिली जानकारी के अनुसार, इस हाई-लेवल गोलमेज सम्मेलन में देश-विदेश के 27 कंपनियों के सीईओ शामिल हुए. इनमें टोटल एनर्जीज, बीपी, Vitol, एचडी हुंडई, एचडी केएसओई, Aker, LanzaTech, वेदांता, इंटरनेशनल एनर्जी फोरम (IEF), एक्सेलरेट, वुड मैकेंजी, Trafigura, Staatsolie, प्राज, रिन्यू और एमओएल सहित प्रमुख वैश्विक और भारतीय ऊर्जा कंपनियों और संस्थानों के 27 सीईओ और वरिष्ठ कॉर्पोरेट व्यक्तियों ने भाग लिया. वहीं, इस कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.
|