
नई दिल्लीः नवरात्रि के बाद देश में दिवाली की तैयारी शुरू हो गई है। व्यापारी मान रहे है कि इस बार का त्योहारी सीजन भारत के व्यापार इतिहास में नया अध्याय लिखेग। व्यापारी संगठन कैट का अनुमान है कि इस दिवाली की बिक्री 4.75 लाख करोड़ तक पहुंचेगी, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा होगा। वहीं, दिल्ली के बाजारों की ही बात करें तो कारोबारियों का अनुमान है कि राजधानी में त्योहारी बिक्री 75,000 करोड़ तक पहुंच सकती है। दावा है कि इस दिवाली पर चीनी सामान के बजाए स्वदेशी आइटम की धूम मची हुई है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( CAIT ) के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि नवरात्रि के दौरान कैट ने विभिन्न राज्यों के 35 शहरों में व्यापारिक संगठनों से सर्वे कराया। इस सर्वे में दो प्रमुख कारण सामने आए जो इस बार के त्योहारी कारोबार को नई ऊंचाई दे रहे हैं। पहला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वदेशी का आह्वान और उनका 〾कल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल ✩ा दृष्टिकोण, जिसमें ग्राहकों का जबरदस्त समर्थन मिला है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में दिवाली पर बंपर बिक्री हो रही है। कैट के अनुसार साल 2021 में 1.25 लाख करोड़, साल 2022 में 2.50 लाख करोड़, साल 2023 में 3.75 लाख करोड़ और इस साल का अनुमानित आंकड़ा 4.75 लाख करोड़ है।कैट का दावा है कि इस बार दिवाली के मौके पर बाजारों में चीनी सामान बिल्कुल गायब हो चुके हैं। इसकी जगह स्वदेशी आइटम का दबदबा है। इस बार ग्राहक विभिन्न भारतीय उत्पादों को लेकर विशेष उत्साह दिखा रहे है। इनमें मिट्टी के दीये, मूर्तिया, वॉल हैंगिंग्स, हैंडीक्राफ्ट, पूजन सामग्री, गृह सजावट से लेकर FMCG, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल सामान, बिल्डर्स हार्डवेयर, ऑटोमोबाइल, कपड़ा और टेपेस्ट्री, रेडीमेड वस्त्र, फर्नीचर, खिलौने, मिठाई, पर्सनल केयर प्रोडक्ट, किचनवेयर और बर्तन तक शामिल हैं। लगभग हर सेक्टर में बंपर बिक्री की संभावना है, जिसमें भारतीय कारीगर, निर्माता और व्यापारी प्रमुख भूमिका निभा रहे है।जानकारों के मुताबिक इस बार दिवाली पर जबरदस्त कमाई हो सकती है। हो सकता है कि कमाई के पुराने रेकॉर्ड टूट जाएं। चांदनी चौक स्थित कपड़ा कारोबारी अभिषेक गनेड़ीवाला ने बताया कि मार्केट में इन दिनों दिवाली और वेडिंग शॉपिंग की धूम है। पिछले कुछ दिनों से लोगों की भीड़ बढ़ी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और तेजी आएगी। वहीं ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि सोने-चांदी की बढ़ी कीमतों की वजह से मार्केट में तेजी तो आई है। इन्वेस्टर ज्यादातर सोने और चांदी की खरीद कर रहे हैं। अगले साल तक सोने की कीमत में 10 हजार रुपये तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। कैट के अध्यक्ष विपिन आहूजा ने बताया कि इस साल रेकॉर्ड तोड़ बिक्री का अनुमान है। नवरात्रि से लेकर दशहरा तक बंपर बिक्री हुई है। साथ ही इस साल ✩ोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल✩ा दृष्टिकोण, जिसमें ग्राहकों का जबरदस्त समर्थन मिला है। |