नवनीत चतुर्वेदी-

पब्लिक को सिर्फ पोलिंग बूथ तक आना है बटन दबाना है फिर मशीन का बटन कोई भी दबे, जीतने का जुगाड तो बटन के नीचे का सर्किट कर ही देगा!!
लेकिन अपनी जुगाड वाली जीत को जस्टिफाई कैसे करेंगे!! मशीनों का चरित्र पहले से दागदार है और चुनाव आयोग की छबि भी खराब है, वोट चोरी के आरोप लगे हुए हैं।
यूं ही बार बार जीतते रहे तो थोड़ा गलत मैसेज जाएगा। लेकिन हारना भी तो मंजूर नहीं है।
फिर होने वाली जीत को जस्टिफाई कैसे किया जाएगा? कोई तो वजह होनी चाहिए जो यह कह सके कि इस वजह से जनता ने उत्साह से वोट दिया था!
अब 2027 से ले कर 2029 तक कैसे जीतेंगे!! सिंपल है… यूजीसी के नए नियमों से खुश हो कर ओबीसी SC ST ने छप्पर फाड़ कर, दिल खोल कर हमारे लिए बटन दबाए हैं। लेकिन लोग क्या यह लॉजिक मान लेंगे!!
अरे जब ट्रिपल तलाक कानून से खुश हो कर मुस्लिम महिलाएं दिल खोल कर वोट दे सकती है तो क्या यूजीसी वाले नए नियम से ओबीसी SC ST खुश नहीं होगा!!
बिल्कुल होगा… और उनकी खुशी का पैमाना result वाले दिन मशीन खुद बता देगी।
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