हाथी संरक्षण केंद्र में मौजूद हाथी। सभी फोटो वाइल्ड लाइफ एसओएस।
जागरण संवाददाता, आगरा। कीठम स्थित भालू संरक्षण गृह और चुरमुरा स्थित हाथी अस्पताल में भालू और हाथियों की सर्दी में विशेष देखभाल की जा रही है। सर्दी से बचाव को हाथियों की तिल और लौंग के तेल से मालिश की जा रही है। भालुओं को बाजरे-रागी का गर्म दलिया, गुड़ और खजूर दिया जा रहा है।
बुजुर्ग और बीमार हाथियों व भालुओं को ठंड से बचाने के लिए हुए खास इंतजाम।
हाथियों के बाड़ों में हैलोजन लैंप लगाए गए हैं और ठंडी हवाओं को रोकने के लिए तिरपाल की चादरें चढ़ाई गई हैं। बुजुर्ग हाथियों को कंबल ओढ़ाए जाते हैं और रोजाना तेल की मालिश की जाती है, जिससे उनका रक्त संचार बेहतर होता है। उनके खाने में गुड़, घी के साथ लौंग, हल्दी, अदरक, लहसुन जैसे गर्म मसाले मिलाए जा रहे हैं, ताकि शरीर गर्म रहे और पाचन ठीक रहे।
भालू।
खाने में मिलाया जा रहा गुड़ साथ ही मिलाए जा रहे हल्दी अदरक, लहसुन
गर्म बाजरा-रागी का दलिया दिया जा रहा है, जिसमें गुड़ और उबले अंडे
भालुओं को गर्म बाजरा-रागी का दलिया दिया जा रहा है, जिसमें गुड़ और उबले अंडे मिलाए जाते हैं। साथ ही मुरमुरे, गुड़ और मूंगफली की खास ट्रीट भी दी जाती है। उनके बाड़ों और मांदों में सूखी घास और धान का भूसा बिछाया गया है। बुजुर्ग या गठिया वाले भालुओं के लिए हीटर और तिरपाल का इस्तेमाल किया जा रहा है। संस्था के अधिकारियों का कहना है कि ये इंतजाम जानवरों को ठंड के तनाव से बचाने और उन्हें स्वस्थ-ऊर्जावान रखने के लिए हैं। |