इंटरनेट मीडिया पर भी मिल रहीं जान से मारने की धमकियां. Concept Photo
जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। गांधी पार्क, अल्मोड़ा में बीते आठ जनवरी को अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न जन संगठनों की ओर से आयोजित शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक रैली के दौरान एक महिला वक्ता के साथ अभद्रता, धमकी और हिंसा के प्रयास का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़िता भारती पांडे ने कोतवाली अल्मोड़ा में तहरीर सौंप कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
भारती पांडे ने कहा कि रैली के दौरान मंच से अपने विचार रखते समय वैभव जोशी निवासी बाड़ी-बगीचा, अल्मोड़ा ने जानबूझकर उनके भाषण में हस्तक्षेप किया। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने आक्रामक रूप से आगे बढ़ते हुए गाली-गलौच की और शारीरिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से झपटने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद नागरिकों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला और आरोपी को घटनास्थल से बाहर किया गया।
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद इंटरनेट मीडिया पर उनके विरुद्ध संगठित तरीके से घृणा और भय का माहौल बनाया जा रहा है। उनके भाषण की तोड़-मरोड़ कर बनाई गई वीडियो को प्रसारित कर झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। साथ ही जान से मारने, यौन हिंसा और चरित्र हनन की खुली धमकियां दी जा रही हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
भारती पांडे ने स्पष्ट किया कि उनके वक्तव्य में किसी जाति, धर्म या समुदाय के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं थी, बल्कि उद्देश्य केवल अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लोकतांत्रिक मांग रखना था। उन्होंने बीएनएस व आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई, डिजिटल फॉरेंसिक जांच और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने का अनुरोध किया गया है।
कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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