तहसील पहुंचे लोग।
जागरण संवाददाता, एटा। एसआईआर अभियान के दौरान जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी थी, उनके लिए अब सुनवाई प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले में ऐसे 17 हजार से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद अब वे अपने बयान दर्ज कराने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने तहसीलों में पहुंच रहे हैं।
एसआएआर अभियान के तहत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों को डिजिटाइज करने के साथ-साथ पोर्टल पर उनकी मैपिंग कराई गई थी। इसी प्रक्रिया में तकनीकी कारणों अथवा अभिलेखों की कमी के चलते बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई थी। ऐसे सभी मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने और दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया गया है।
सुनवाई के लिए अलग केंद्र निर्धारित
प्रशासन की ओर से जिले की तीनों तहसीलों में सुनवाई के लिए अलग-अलग केंद्र निर्धारित किए गए हैं। यहां एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ, अधिशासी अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहकर मतदाताओं के बयान दर्ज कर रहे हैं। प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के परीक्षण के बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा या नहीं।
तहसीलों में पहुंचकर दर्ज कराए बयान
अधिकारियों के अनुसार, नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं में से अब तक करीब 40 प्रतिशत लोग अपनी-अपनी तहसीलों में पहुंचकर बयान दर्ज करा चुके हैं। जो लोग निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हो सके हैं, उन्हें अगली तिथि देकर दोबारा बुलाया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश ने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। नोटिस के बाद आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकार्ड संचित किया जा रहा है और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है, जिससे मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे। |