तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आइएमएस) में इस बार गणतंत्र दिवस का समारोह विवादों के साये में है। संस्थान के निदेशक और अस्पताल प्रशासन के बीच झंडारोहण के कार्यक्रम को लेकर खींचतान की स्थिति पैदा हो गई है। आलम यह है कि एक ही परिसर के लिए दो अलग-अलग सूचनाएं जारी की गई हैं, जिससे कर्मचारियों और मेडिकल छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
आइएमएस के 21 जनवरी को जारी आदेश में संयुक्त समारोह का दावा किया गया था। आइएमएस के संयुक्त कुलसचिव की एडवाइजरी में चिकित्सा विज्ञान संस्थान, सर सुंदरलाल अस्पताल व ट्रामा सेंटर का संयुक्त ध्वजारोहण समारोह 26 जनवरी को सुबह 10.45 बजे आयोजित किया जाना तय हुआ था।
पत्र में कहा गया है कि संस्थान के निदेशक आइएमएस भवन के मुख्य द्वार पर ध्वजारोहण करेंगे, इसमें संस्थान के सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। संयुक्त कार्यक्रम की घोषणा के कुछ ही समय बाद दूसरे आदेश में अस्पताल का अपना अलग कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है।
शनिवार को अस्पताल प्रशासन की उप कुलसचिव डा. रश्मि रंजन की ओर से दूसरी सूचना जारी कर दी गई। इस आदेश के अनुसार सोमवार को सुबह 11 बजे सर सुंदरलाल चिकित्सालय परिसर यानी डा. केएन उडुपा प्रखंड के सामने चिकित्सा अधीक्षक प्रो. कैलाश कुमार द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।
निदेशक ने पहले ही संयुक्त कार्यक्रम घोषित कर दिया था, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा अपना अलग कार्यक्रम जारी करना संस्थान के भीतर चल रही आंतरिक गुटबाजी और प्रशासनिक समन्वय की कमी को उजागर करता है। सवाल उठ रहा कि कर्मचारी और छात्र किस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।
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इस लेटर वार ने परिसर के माहौल को गरमा दिया है। चिकित्सा अधीक्षक प्राे. कैलाश कुमार से प्रकरण में पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
आइएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि मुख्य कार्यक्रम आइएमएस में ही होगा, यह आदेश कुलपति की तरफ से दिया गया है। मुख्य कार्यक्रम 20 मिनट से आधा घंटे तक चलेगा। इसके बाद भी कोई विभाग अलग झंडारोहण कार्यक्रम करना चाहता है तो वह कर सकता है। |
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