IIT Delhi: आईआईटी दिल्ली जैसे टॉप इंस्टीट्यूट युवाओं के लिए बहुत बड़े अवसर खोलते हैं. यहां

स्टार्टअप्स को लैब, मेंटर, टेक्नोलॉजी और फंडिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं. FITT जैसे सेल स्टार्टअप्स को निवेशकों से मिलवाते हैं.आइडिया को रियल प्रोडक्ट में बदलने में मदद करते हैं. AI और हेल्थटेक जैसे नए फील्ड में ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट और रिसर्च का मौका मिलता है. युवा इनोवेटर्स यहां से सीखकर अपना स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं या बड़ी कंपनियों में जॉब पा सकते हैं.
यहां पर अक्सर ऐसे इवेंट होते हैं जिसमें आईआईटी स्टार्टअप्स को निवेशकों से मिलवाता है, जिससे फंडिंग आसान हो जाती है. आईआईटी दिल्ली में फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (FITT) ने एक बड़ा प्रोग्राम आयोजित किया जहां 12 चुनिंदा हेल्थटेक स्टार्टअप्स ने अपने AI आधारित नए समाधान पेश किए. ये सब इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले की तैयारी थी. 15 से ज्यादा निवेशकों के सामने स्टार्टअप्स ने कैंसर ट्रीटमेंट, रोगों का डेटा बेस्ड मैनेजमेंट और बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए AI के इस्तेमाल दिखाए. ये प्रोग्राम दिखाता है कि IIT दिल्ली न सिर्फ पढ़ाई के लिए है, बल्कि नए-नए आइडिया को बाजार तक पहुंचाने का भी बड़ा प्लेटफॉर्म है. युवाओं के लिए ये एक सुनहरा मौका है. AI सीखो, हेल्थ में इनोवेशन करो और अपना करियर बनाओ.
FITT-IIT दिल्ली के सीओओ तरुण चतुर्वेदी ने बताया कि AI बड़े डेटा को समझकर स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव ला रहा है इससे लोगों के इलाज में तेजी आएगी. हमारा मकसद स्टार्टअप्स को निवेशकों से जोड़ना है ताकि भारत में AI हेल्थ स्टार्टअप्स तेजी से बढ़ें.अभी भारत AI अपनाने के शुरुआती दौर में है, लेकिन अगले 3-5 साल में यहां AI आधारित हेल्थ स्टार्टअप्स की बाढ़ आ जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत में AI हेल्थ समाधान भविष्य की बड़ी जरूरत हैं. ऐसे प्रोग्राम अकादमिक और इंडस्ट्री को जोड़ते हैं.स्टार्टअप्स को प्लेटफॉर्म देते हैं और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है.
इस कार्यक्रम का नाम था-बायोटेक और मेडटेक नवाचार में AI का प्रभाव.यहां AI स्टार्टअप्स, निवेशक, डॉक्टर, विशेषज्ञ और स्वास्थ्य से जुड़े लोग एक साथ आए. दो पैनल डिस्कशन हुए, स्टार्टअप्स ने अपने आइडिया पेश किए और फिर सबने नेटवर्किंग की. पूरा फोकस इस बात पर था कि AI कैसे बड़े-बड़े डेटा से फटाफट सही जानकारी निकालता है और स्वास्थ्य सेवाओं को तेज, सस्ता और बेहतर बना सकता है. भारत जैसे देश में जहां लोग बहुत हैं और संसाधन कम, ऐसे AI समाधान बहुत काम के हैं. इकोसिस्टम में सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए बीएफआई के संस्थापक संदीप नेलवाल ने कहा कि भारत में एआई आधारित स्वास्थ्य समाधानों को वैश्विक स्तर तक ले जाने की क्षमता है. इसके लिए जरूरी है कि तकनीकों को बड़े पैमाने पर लागू किया जाए ताकि वे जमीनी स्तर तक पहुंच सकें. इस तरह के प्री-समिट मंच स्टार्टअप्स, विशेषज्ञों, वित्तपोषकों और संस्थानों को एक साथ लाने में मदद करते हैं, जिससे एआई नवाचार सुलभ, प्रभावी और वैश्विक रूप से प्रासंगिक बन सकें. यह प्री-समिट कार्यक्रम एआई की अगुवाई में स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की बढ़ती गति को रेखांकित करता है और इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की ओर बढ़ते हुए गहन सहयोग और प्रायोगिक साझेदारियों के लिए मजबूत आधार तैयार करता है.
ये प्री-समिट इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारी थी. भारत में AI हेल्थ के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और IIT दिल्ली जैसे संस्थान इसमें लीडर हैं. 12 स्टार्टअप्स ने निवेशकों को इंप्रेस किया और आने वाले समय में AI से स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होने वाली हैं. अगर आप स्टूडेंट हैं या स्टार्टअप में इंटरेस्टेड हैं, तो IIT दिल्ली जैसे प्लेटफॉर्म आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं.
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