search
 Forgot password?
 Register now
search

अंतरिक्ष में अपना स्पेस स्टेशन बनाने की तैयारी में ISRO, 10 साल में बनकर होगा तैयार

LHC0088 Yesterday 21:01 views 133
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) ने भारत सरकार के स्वदेशी मिशन के तहत एक कदम और आगे बढ़ने का फैसला किया है। देश का यह बेहद सम्मानित संस्थान अंतरिक्ष में अपना ठिकाना यानी स्पेस स्टेशन खड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station) का पहला मॉड्यूल 2028 में अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। 140 करोड़ भारतीयों का सपना पूरा होने में और काम करने लायक बनने में लगभग 10 साल का समय लगेगा। बीएएस 2035 तक पूरी तरह से विकसित स्पेस स्टेशन बन सकेगा।





हाल ही में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) ने भारतीय कंपनियों से बीएएस-01 मॉड्यूल (BAS-01 module) के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (EoI) की मांग की है। बीएएस को स्वदेशी संसाधनों और तकनीक की मदद से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। शुरुआत में इसमें 3-4 अंतरिक्ष यात्रियों के ठहरने की क्षमता होगी और ये धरती की निचली कक्षा से लगभग 400-450 किमी ऊपर स्थापित होगा। सभी 5 मॉडयूल के साथ यह अंतरिक्ष स्टेशन पूरी तरह तैयार हो जाएगा।





कंपनियों के लिए सख्त हैं मानक





इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने की चाह रखने वाली कंपनियों के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं। इनके पास कम से कम 5 साल का एरोस्पेस निर्माण का अनुभव होना चाहिए। पिछले 3 वर्षों में औसत वार्षिक टर्नओवर कम से कम 50 करोड़ हो। आवेदन करने की अंतिम तिथि 8 मार्च 2026 तय की गई है। यह परियोजना केवल एक स्टेशन बनाने तक सीमित नहीं है। यह भारत के गगनयान मिशन का अगला चरण है।





स्‍पेस स्‍टेशन की जरूरत क्‍यों?





इसरो का मानना है कि भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन देश के वैज्ञानिक और तकनीकी भविष्य में अहम भूमिका निभाएगा। यहां माइक्रोग्रैविटी में दीर्घकालिक प्रयोग किए जा सकेंगे (मानव शरीर पर अंतरिक्ष वातावरण के प्रभावों का अध्ययन होगा और नई तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा) जो भविष्य के गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए जरूरी होंगे।




संबंधित खबरें [/url]
[url=https://hindi.moneycontrol.com/india/miscreants-hurl-bombs-at-police-van-on-trichy-chennai-highway-eps-and-bjp-slam-dmk-government-article-2349799.html]तमिलनाडु : हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाने के लिए पुलिस वैन पर बम से हमला, गरमाई राज्य राजनीति
अपडेटेड Jan 24, 2026 पर 8:54 PM [/url]
[url=https://hindi.moneycontrol.com/india/ahead-of-the-budget-session-government-calls-an-all-party-meeting-on-january-27-details-article-2349780.html]Budget 2026: बजट सत्र से पहले सरकार ने 27 जनवरी को बुलाई सर्वदलीय बैठक
अपडेटेड Jan 24, 2026 पर 7:05 PM [/url]
[url=https://hindi.moneycontrol.com/india/railway-gate-remained-open-for-cm-nitish-kumar-convoy-halting-train-traffic-for-an-hour-article-2349781.html]सीएम नीतीश कुमार के काफिले के लिए खुला रहा रेल गेट, एक घंटे तक थमी ट्रेनों की रफ्तार
अपडेटेड Jan 24, 2026 पर 6:57 PM



BAS-01 मॉड्यूल क्‍या है?





BAS-01 मॉड्यूल की संरचना पूरी तरह आधुनिक होगी। हर मॉड्यूल का व्यास लगभग 3.8 मीटर और ऊंचाई करीब 8 मीटर होगी। इन्हें हाई-पावर्ड एल्यूमिनियम एलॉय (AA-2219) से तैयार किया जाएगा, जो मानवयुक्त मिशनों के लिए मान्यता प्राप्त सामग्री है। इसरो ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में अंतरिक्ष यात्री इन्हीं मॉड्यूल्स के भीतर रहकर काम करेंगे। इसलिए इन मॉड्यूल्स को वही सुरक्षा और गुणवत्ता मानक पूरे करने होंगे, जो गगनयान मिशन के लिए जरूरी हैं।





इसरो की योजना





परीक्षण और गुणवत्ता मूल्यांकन के बाद सर्वश्रेष्ठ हार्डवेयर को अंतरिक्ष में भेजने की योजना के तहत इसरो दो पूर्ण सेट मॉड्यूल धरती पर तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। यह कार्य सामान्य निर्माण प्रक्रिया से कहीं अधिक जटिल है। इसमें मामूली से मामूली त्रुटि भी स्वीकार्य नहीं होगी। इसके अलावा प्रेशर टेस्ट, लीक टेस्ट और नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग जैसी कठोर प्रक्रियाओं से गुजरना अनिवार्य होगा।





Budget 2026: बजट सत्र से पहले सरकार ने 27 जनवरी को बुलाई सर्वदलीय बैठक
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
155242

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com