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इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । रिश्तों को कलंकित करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां अहियापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवक ने अपनी ही नाबालिग मौसेरी बहन (15) को हवस का शिकार बनाया।
इतना ही नहीं किशोरी के गर्भवती होने पर उसकी मौसी द्वारा जबरन गर्भपात कराने का भी आरोप लगा है। मामले में विशेष कोर्ट पाक्सो एक्ट संख्या-एक के आदेश पर पुलिस ने न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) प्राची आचार्य की अदालत में पीड़िता का बयान दर्ज कराया।
बयान को सील बंद रखा है। सरैया थाना इलाके की रहने वाली पीड़िता के पिता ने 21 जनवरी को अहियापुर थाने में प्राथमिकी कराई। इसमें आरोपित के अलावा उसके माता-पिता को नामजद आरोपित बनाया।
इसमें कहा कि उनकी पुत्री 10 मई 2025 को मौसी के घर अहियापुर छठ्ठीयार कार्यक्रम में शामिल होने आई थी। वहां उसकी मौसी के बेटे ने बहन की कम उम्र का फायदा उठाकर उसे डराया-धमकाया और प्रलोभन देकर 30 मई से 20 जून 2025 तक उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया।
आरोपित ने धमकी दी थी कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसके पिता और बहन को जान से मार देगा। घटना के कुछ समय बाद जब किशोरी के शरीर में बदलाव दिखने लगा तो उसकी मौसी ने 30 अगस्त 2025 को उसका अल्ट्रासाउंड कराया।
गर्भ की पुष्टि होने पर मौसी ने अपने बेटे को बचाने के लिए 20 सितंबर को किशोरी को जबरन दवा खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद पीड़िता को उसके ननिहाल कांटी भेज दिया गया। इस कारण पीड़िता गहरे मानसिक आघात में है।
मामले की जानकारी होने पर जब पीड़िता के पिता आरोपित के घर पहुंचे तो वहां मौजूद आरोपित के पिता ने उन पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पीड़िता के पिता का हाथ बुरी तरह कट गया। किसी तरह अपनी जान बचाकर वह वहां से भागे। |
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