व्यापारियों की समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डा. नीरज बोरा से मुलाकात की। इस दौरान महानगर अध्यक्ष सुरेश छबलानी ने बताया कि व्यापारियों को गृहकर और जलकर के अनावश्यक नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केवल इस्तेमाल किए गए पानी का ही पारदर्शी बिल लिया जाए। साथ ही जीएसटी विभाग द्वारा जारी किए जा रहे अनावश्यक नोटिसों पर रोक लगाने और खाद्य विभाग द्वारा सैंपलिंग के नाम पर होने वाली छापेमारी के लिए जिलाधिकारी की अनुमति अनिवार्य करने की मांग की।

सर्राफा व्यापारियों को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस देने, वरिष्ठ व्यापारियों के लिए ‘व्यापारी पेंशन योजना’ लागू करने और स्वास्थ्य बीमा कवर देने का आग्रह किया गया। खुदरा व्यापार को बचाने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने और एक नई ‘ई-कॉमर्स नीति’ बनाने की मांग की गई। किसी भी आपदा या दुकान जलने की स्थिति में तत्काल सरकारी मुआवजे और जनपदों में नियमित ‘व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ’ की बैठकें आयोजित करने की बात कही गई। इस दौरान महानगर अध्यक्ष ने विधायक को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में विधायकों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। इस दौरान संदीप अग्रवाल, विनय अग्रवाल, राजीव कक्कड़, अनुज गौतम, मुकेश कुमार, मनीष अवस्थी, अनिल अग्रवाल व संजय निधि अग्रवाल सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।
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