जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जेएनएफ, जम्मू। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट के वेकेशन जज ने डोडा के कस्तीगढ़ के महिला डीडीसी सदस्य संतोष देवी व उसके बेटे स्वर्ण वीर सिंह के खिलाफ चार्जशीट पेश करने पर रोक लगाते हुए कहा है कि पुलिस इस मामले की जांच जारी रखे लेकिन अंतिम चार्जशीट पेश न की जाए।
हाईकोर्ट ने इस मामले में गृह विभाग के प्रमुख सचिव, डोडा पुलिस स्टेशन के एसएचओ तथा हकम चंद निवासी कस्तीगढ़ को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश भी दिए है। डीडीसी सदस्य संतोष देवी के वकील ने हाईकोर्ट में दलील दी कि आठ जनवरी 2026 को कस्तीगढ़ में सुली-जरदान सड़क का उद्घाटन कार्यक्रम था जिसमें डीडीसी सदस्य व काफी संख्या में क्षेत्रीय मौजूद थे और उद्घाटन के लिए डीडीसी चेयरपर्सन का इंतजार किया जा रहा था।
इस दौरान डीडीसी सदस्य संतोष देवी का राजनीतिक विरोधी हकम चंद अपने समर्थकों के साथ पहुंचा और उसने संतोष देवी के साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। जब संतोष देवी ने विरोध किया तो हकम चंद ने अपने समर्थकों के साथ उन पर हमला कर दिया और सभी सभा में उनकाे पीटा।
याची के वकील ने कहा कि हमले के बाद संतोष देवी ने डोडा पुलिस स्टेशन में शिकायत की लेकिन पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की जिसके चलते उन्होंने डीसी डोडा और एसएसपी डोडा को पत्र लिखकर हकम चंद व उसके समर्थकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और दूसरी तरफ हकम चंद ने फर्जी आरोप लगाते हुए संतोष देवी व उनके बेटे पर एफआइआर दर्ज करवा दी।
हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद आठ अप्रैल को केस की अगली तारीख निर्धारित की और तब तक संतोष देवी व उनके बेटे स्वर्ण वीर सिंह के खिलाफ चार्जशीट पेश न करने का निर्देश दिया। |
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