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पहले एक रुपए, फिर 11 रुपए और बाद में 5-5 लाख दो बार निकाले। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जागरण संवाददाता, बठिंडा। बठिंडा जिले में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से 10 लाख 21 हजार रुपये निकाल लिए। यह घटना जिले के गांव दियोण से संबंधित है। पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम की पुलिस ने अज्ञात आरोपिताें के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित बलजीत सिंह, निवासी सिवियां रोड बठिंडा ने थाना साइबर क्राइम में दी शिकायत में बताया कि 23 नवंबर 2025 को उसके मोबाइल फोन पर एक संदेश आया, जिसमें बताया गया कि उसके पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के खाते से 1 रुपये की कटौती की गई है। पीड़ित ने इस संदेश को नजरअंदाज कर दिया।
इसके अगले दिन 24 नवंबर 2025 को उसके खाते से 11 रुपये 80 पैसे की कटौती हुई, लेकिन इस बार भी उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि उसी दिन शाम को अचानक उसके खाते से 5 लाख रुपये निकाल लिए गए। कुछ ही मिनटों के भीतर खाते से दोबारा 5 लाख रुपये और बाद में 21 हजार रुपये और निकाल लिए गए। इस तरह कुल 10 लाख 21 हजार रुपये की ठगी हो गई।
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किसी लिंक पर भी नहीं किया क्लिक
पीड़ित बलजीत सिंह का कहना है कि उसने किसी भी व्यक्ति को न तो अपना ओटीपी साझा किया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया। इसके बावजूद उसके खाते से इतनी बड़ी राशि निकाल ली गई, जिससे वह और उसका परिवार सदमे में है। पीड़ित को जब खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिली, तो उसने तुरंत बैंक और साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया।
थाना साइबर क्राइम की पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबरों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि आरोपितों तक पहुंचा जा सके। साथ ही संबंधित बैंक से भी विवरण मांगा गया है।
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छोटी कटौती भी साइबर ठगी की शुरुआत
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों से जुड़े किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल को हल्के में न लें। छोटी राशि की अनजान कटौती भी साइबर ठगी की शुरुआत हो सकती है। किसी भी तरह का ओटीपी, पिन या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदेह होने पर तुरंत बैंक या साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करें।
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